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मदुरै हत्याकांड: भाजपा ने तमिलनाडु में कानून व्यवस्था और जातिगत हिंसा पर चिंता जताई

Madurai massacre: BJP expresses concern over law and order situation and caste violence in Tamil Nadu

तमिलनाडु भाजपा ने सोमवार को मदुरै स्थित मीनाक्षी अम्मन मंदिर के पास 17 वर्षीय किशोर की बेरहमी से हत्या की घटना के बाद राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। पार्टी ने राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर गंभीर सवाल उठाए। राज्य भाजपा अध्यक्ष नैनार नगेंद्रन ने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था बिगड़ रही है और सरकार अपराधों से निपटने में विफल रही है।

तमिलनाडु भाजपा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कड़े बयान में मीनाक्षी मंदिर के पास 17 वर्षीय किशोर की हत्या की घटना को “गहरा चौंकाने वाला” बताया और इसमें शामिल सभी लोगों के खिलाफ सख्त सजा की मांग की।

पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नैनार नगेंद्रन ने मुख्यमंत्री पर सार्वजनिक सुरक्षा को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि लोगों को हर दिन इस डर में नहीं जीना चाहिए कि कहीं हत्या हो गई या कोई महिला अपराध का शिकार हुई है। उन्होंने पूछा कि “मुख्यमंत्री विजय को शासन के बुनियादी सिद्धांत सीखने से पहले और कितनी जानें जानी चाहिए?”

नगेंद्रन ने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान जिस सरकार ने कानून-व्यवस्था को लेकर पिछली सरकार की आलोचना की थी, उसे सत्ता में आने के बाद इस समस्या को प्राथमिकता से हल करना चाहिए था।

यह टिप्पणी उस घटना के बाद आई है जिसमें सोमवार तड़के मदुरै कॉरपोरेशन के वाहन पार्किंग क्षेत्र के पास एक किशोर की हत्या कर दी गई। पुलिस के अनुसार, पीड़ित उस समय वहीं सो रहा था जब पांच लोगों का एक गिरोह हथियारों से लैस होकर वहां पहुंचा और उस पर हमला कर दिया।

जांच के बाद पुलिस ने सभी पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जिनमें मुथुमणि नाम का एक युवक भी शामिल है। प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि यह हत्या हाल ही में हुए चिथिरई उत्सव के दौरान हुए विवाद से जुड़ी पुरानी रंजिश का परिणाम हो सकती है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, मृतक के खिलाफ भी कुछ आपराधिक मामले दर्ज थे।

इस घटना ने एक बार फिर दक्षिण तमिलनाडु में बार-बार सामने आने वाले हिंसक अपराधों और जातीय तनाव के मुद्दे को चर्चा में ला दिया है।मदुरै, थेनी, तिरुनेलवेली, तूतुकुड़ी, रामनाथपुरम और शिवगंगा जैसे जिलों में पहले भी जातीय झड़पें और प्रतिशोधी हत्याओं की घटनाएं देखी गई हैं।

हाल के वर्षों में ऑनर किलिंग और अंतर-जातीय संबंधों से जुड़े अपराधों ने इस क्षेत्र में सामाजिक तनाव को उजागर किया है। हालांकि पुलिस अक्सर इन मामलों को व्यक्तिगत विवाद या स्थानीय रंजिश बताती है लेकिन सामाजिक कार्यकर्ता लंबे समय से यह तर्क देते रहे हैं कि इन घटनाओं के पीछे गहरे जातीय तनाव भी एक बड़ा कारण हैं।

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