महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने शुक्रवार को चेन्नई में श्रद्धांजलि अर्पित की। यह कार्यक्रम चेन्नई के एग्मोर स्थित सरकारी संग्रहालय में आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री ने वहां महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और तमिलनाडु सरकार की ओर से उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस मौके पर डिप्टी चीफ मिनिस्टर उदयनिधि स्टालिन और अन्य राज्य मंत्री भी मौजूद रहे।
श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद मुख्यमंत्री स्टालिन ने अस्पृश्यता उन्मूलन की शपथ दिलाई। सभी मौजूद लोगों ने इस शपथ को दोहराया, जिसमें अस्पृश्यता को खत्म करने, समानता और सामाजिक न्याय के प्रति प्रतिबद्धता जताई गई। महात्मा गांधी के विचारों को याद करते हुए स्टालिन ने कहा कि बापू का सपना था एक ऐसा समाज जहां कोई भेदभाव न हो और हर व्यक्ति सम्मान से जी सके। तमिलनाडु सरकार इस दिशा में लगातार काम कर रही है।
बता दें कि 30 जनवरी को पूरे देश में शहीद दिवस के रूप में मनाया जाता है, क्योंकि इसी दिन 1948 में महात्मा गांधी की हत्या कर दी गई थी। तमिलनाडु में यह दिन गांधीजी के सिद्धांतों को याद करने और उनके योगदान को सम्मान देने का अवसर बनता है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर लोगों से अपील की कि वे गांधीजी के अहिंसा, सत्य और समानता के मार्ग पर चलें तथा समाज में फैले किसी भी प्रकार के भेदभाव को दूर करने में योगदान दें।
कार्यक्रम के दौरान संग्रहालय परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे और कई लोग बड़ी संख्या में पहुंचे थे। यह आयोजन गांधीजी के प्रति राज्य सरकार की गहरी श्रद्धा को दर्शाता है। मुख्यमंत्री स्टालिन ने अपने संदेश में कहा कि गांधीजी के विचार आज भी प्रासंगिक हैं और इन्हें अपनाकर ही हम एक मजबूत और एकजुट भारत बना सकते हैं।

