असम पुलिस के क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (सीआईडी) ने गुवाहाटी के एक व्यक्ति को कैनरा बैंक की कई शाखाओं से जुड़े 40 लाख रुपए के कथित वाहन लोन धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार किया है। गुवाहाटी के बड़े इलाके में केनरा बैंक की शाखाओं से संदिग्ध तरीके से वाहन लोन लेने की जांच के बाद रामेन सैकिया उर्फ जान सैकिया नाम के आरोपी को गुवाहाटी स्थित घर से गिरफ्तार किया गया।
केनरा बैंक की उलुबारी शाखा के सीनियर मैनेजर की शिकायत के अनुसार, फरवरी और जून 2023 के बीच 8-8 लाख रुपए के चार वाहन लोन मंजूर किए गए और बांटे गए। शिकायत में कहा गया है कि ये लोन जूरी महंता सैकिया, मधुपर्णा चौधरी, लेलिन राभा और समुद्र ज्योति कश्यप के नाम पर मंजूर किए गए थे।
इसके अलावा, बैंक की अमीनगांव शाखा ने एमएसएमई वाहन योजना के तहत जान सैकिया के नाम पर 8 लाख रुपए का एक अन्य वाहन लोन मंजूर किया। बताया जाता है कि यह लोन कमर्शियल वाहन खरीदने के लिए लिया गया था। इन आवेदनों के साथ कथित तौर पर जोरहाट के अधिकृत कार डीलर मेसर्स रामनारायण शिप्रासाद द्वारा जारी वाहन कोटेशन लगाए गए थे। यह संदिग्ध धोखाधड़ी तब सामने आई, जब लोन खाते बाद में नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स (एनपीए) में बदल गए।
बैंक के प्रशासनिक कार्यालय की आंतरिक जांच में लोन के लिए जमा किए गए दस्तावेजों में कथित तौर पर गड़बड़ियां पाई गईं। शिकायत के अनुसार, सैकिया और उसके साथियों ने लोन लेने के लिए कथित तौर पर नकली वाहन कोटेशन, रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (आरसी) की कॉपी, बीमा के कागजात और अन्य सहायक दस्तावेजों का इस्तेमाल किया।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि जाली दस्तावेजों के इस्तेमाल के कारण केनरा बैंक की अलग-अलग शाखाओं से कुल 40 लाख रुपए के वाहन लोन मंजूर किए गए। बैंक की शिकायत के बाद, सीआईडी ने जांच शुरू की और गुवाहाटी के बिरुबारी निवासी धनेश्वर के बेटे सैकिया को गिरफ्तार कर लिया।
अधिकारियों ने बताया कि जांच अभी जारी है। सीआईडी अन्य लोगों की कथित भूमिका की जांच कर रही है और संदिग्ध वित्तीय धोखाधड़ी के पूरे दायरे और लोन लेने में शामिल कथित नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश कर रही है।

