नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ सख्ती और मुहिम को जारी रखते हुए एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) कश्मीर ने एक बड़ी सफलता हासिल की। टीम ने एनडीपीएस एक्ट के एक गंभीर मामले में पिछले तीन वर्षों से फरार चल रही महिला ड्रग तस्कर को गिरफ्तार कर लिया है।
एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स की ओर से शुक्रवार को जारी प्रेस नोट में इस कार्रवाई की जानकारी दी गई। प्रेस नोट में कहा गया कि गिरफ्तार की गई तस्कर की पहचान तमन्ना अशरफ पुत्री मोहम्मद अशरफ, निवासी बटमालू श्रीनगर के रूप में हुई है। वह एफआईआर नंबर 10/2023 के तहत धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के मामले में वांछित थी, जो एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स जम्मू में दर्ज किया गया था।
टास्क फोर्स ने बताया कि गिरफ्तारी से बचने के लिए महिला तस्कर पिछले तीन सालों से लगातार अलग-अलग राज्यों में छिपती फिर रही थी। जांच में सामने आया है कि तमन्ना अशरफ सात किलोग्राम से अधिक चरस की तस्करी में शामिल थी, जिसे कूरियर सेवाओं के माध्यम से मुंबई भेजा जा रहा था।
इस संबंध में मामला दर्ज होने के बाद से ही वह कानून की पकड़ से दूर थी और लगातार ठिकाने बदल रही थी। हालांकि, एएनटीएफ जम्मू-कश्मीर की सतत निगरानी, मजबूत खुफिया सूचना और रणनीतिक योजना के चलते उसे गुरुवार को उसके ही निवास स्थान बटमालू, श्रीनगर से दबोच लिया गया। बेहद सतर्कता और गोपनीय तरीके से इस पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
प्रेस नोट में आगे कहा गया कि जम्मू-कश्मीर एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के अथक प्रयासों और इंटेलिजेंस-आधारित ऑपरेशन से यह गिरफ्तारी सफल हुई, जो नारकोटिक्स अपराधों को रोकने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दिखाता है।
बता दें कि सुरक्षा बल आतंकवाद के समर्थन तंत्र को खत्म करने के लिए आतंकवादियों, उनके ओवरग्राउंड वर्कर्स (ओजीडब्ल्यू) और समर्थकों के खिलाफ आक्रामक अभियान चला रहे हैं। सुरक्षा बलों की निगरानी में नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले, ड्रग पेडलर और हवाला रैकेट में शामिल लोग भी हैं, क्योंकि ऐसा माना जाता है कि इन गैरकानूनी गतिविधियों से प्राप्त धन का इस्तेमाल अंततः जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए किया जाता है। अदालती आदेशों के बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस नशीले पदार्थों की तस्करी और गैरकानूनी वित्तीय गतिविधियों से अर्जित संपत्तियों को जब्त कर रही है।


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