25 फरवरी । आतंकवाद और सीमा पार से संचालित राष्ट्रविरोधी गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए जम्मू-कश्मीर पुलिस की कठुआ इकाई ने पाकिस्तान में बैठे एक आतंकी हैंडलर की अचल संपत्ति को कुर्क कर लिया है। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कठुआ मोहित शर्मा के समग्र पर्यवेक्षण में की गई।
पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई पुलिस स्टेशन बिलावर में दर्ज एफआईआर संख्या 142/2024 के संबंध में की गई है। मामला बीएनएस की धारा 61(1)/147, गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की धारा 13/16/18/23/38/39 और ईआईएमसीओ एक्ट की धारा 2/3 के तहत दर्ज है। यह कुर्की माननीय तीसरे अतिरिक्त सत्र न्यायालय, जम्मू के निर्देशों के अनुपालन में की गई। कुर्क की गई संपत्ति 7.5 मरला भूमि है, जो खेवट संख्या 155/152 तथा खसरा नंबर 995/726 में दर्ज है। यह भूमि तहसील लोहाई मल्हार, जिला कठुआ के अंतर्गत आती है।
पुलिस के मुताबिक, यह संपत्ति स्वर दीन उर्फ स्वरू पुत्र अमी दीन की है। आरोपी वर्तमान में पाकिस्तान में बैठकर आतंकी गतिविधियों का संचालन कर रहा है। वह पहले भारत से भागकर पाकिस्तान/पीओजेके चला गया था और तब से देश की सुरक्षा एवं संप्रभुता के खिलाफ गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल है। कानूनी प्रक्रिया से लगातार बचने के कारण माननीय न्यायालय ने आरोपी को भगोड़ा घोषित किया था। कठुआ पुलिस द्वारा उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए गए, लेकिन कानून की पकड़ से बाहर रहने के चलते अदालत ने उसकी अचल संपत्ति कुर्क करने के आदेश जारी किए।
अदालत के निर्देश पर यह कार्रवाई एसएचओ पीएस बिलावर इंस्पेक्टर जाहिर मुश्ताक द्वारा एसपी ऑप्स अपर कठुआ औमीर इकबाल और एसडीपीओ बिलावर नीरज पड्यार (जेकेपीएस) के मार्गदर्शन में की गई। इस दौरान राजस्व विभाग के साथ समन्वय स्थापित करते हुए सभी कानूनी प्रक्रियाओं, सत्यापन और दस्तावेजी कार्रवाई पूरी की गई।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई आतंकवादी नेटवर्क की वित्तीय और लॉजिस्टिक संरचना को ध्वस्त करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है, ताकि आतंकवाद से जुड़े तत्वों को उनके संसाधनों से वंचित किया जा सके।
जिला पुलिस कठुआ ने स्पष्ट किया है कि पाकिस्तान आधारित आतंकी हैंडलरों और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करने वाले सभी तत्वों के खिलाफ सख्त और कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस ने जनता को भरोसा दिलाया कि शांति, जनसुरक्षा और देश की संप्रभुता बनाए रखने के लिए ऐसे कदम आगे भी उठाए जाते रहेंगे।


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