July 15, 2026
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अमेरिका का ईरान पर बड़ा हमला, हॉर्मुज स्ट्रेट के पास 7 घंटे चली सैन्य कार्रवाई

Major US attack on Iran; military operation near the Strait of Hormuz lasted 7 hours.

 

वाशिंगटन, अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अपने हमले तेज कर दिए हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने बताया कि अमेरिका ने होर्मुज स्ट्रेट के पास और तटीय क्षेत्रों में दर्जनों ईरानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए सात घंटे तक हमले किए।

 

सेंटकॉम ने अपने एक बयान में कहा कि यह ऑपरेशन रात 10 बजे (अमेरिकी समयानुसार) खत्म हुआ। अमेरिकी लड़ाकू विमानों, ड्रोन और नौसैनिक जहाजों ने ईरान की मिसाइल और ड्रोन साइटों, नौसैनिक क्षमताओं और तटीय रक्षा प्रणालियों पर सटीक हमले किए।

अमेरिकी कमांड के अनुसार, इन हमलों का उद्देश्य ईरान की उस क्षमता को कमजोर करना था, जिसके जरिए वह अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों और नागरिक चालक दल के लिए खतरा पैदा कर सकता है।

हॉर्मुज स्ट्रेट वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। ये हमले उसी दिन हुए जब अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों से आने-जाने वाले जहाजों के खिलाफ अपनी नाकाबंदी फिर से शुरू की। यह नाकाबंदी अमेरिकी समयानुसार शाम 4 बजे लागू हुई।

कमांड ने बताया कि मध्य पूर्व में अमेरिकी नौसेना के 20 से अधिक युद्धपोत और सैकड़ों सैन्य विमान तैनात थे। उसने कहा कि अमेरिकी सेना सतर्क, घातक और तैयार है। अमेरिकी कमांड के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने कहा कि अमेरिकी सेना की यह हालिया कार्रवाई कमर्शियल जहाजों और पड़ोसी खाड़ी देशों पर ईरान के कई हमलों के जवाब में की गई है।

कूपर ने कहा कि पिछले सात दिनों में, ईरान ने इस इलाके में जान-बूझकर आम नागरिकों को निशाना बनाते हुए सात कमर्शियल जहाजों पर हमले किए हैं, जिनमें लगभग एक दर्जन नागरिक क्रू मेंबर मारे गए, लापता हुए या घायल हुए हैं। उन्होंने कहा कि ईरानी सेना ने पड़ोसी खाड़ी देशों की ओर दर्जनों मिसाइलें और ड्रोन भी दागे हैं।

कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने आगे कहा, “अमेरिकी सेना ईरान को उस गैर-जरूरी आक्रामकता के लिए जिम्मेदार ठहरा रही है जिससे बेगुनाह लोगों की जान को खतरा बना हुआ है।”

हालांकि, अमेरिकी कमांड ने उन ठिकानों की सटीक जानकारी नहीं दी, जहां हमले किए गए। उसने नुकसान का आकलन भी नहीं बताया और न ही यह बताया कि कोई हताहत हुआ या नहीं।

कमांड ने उन व्यापारिक जहाजों की पहचान भी सार्वजनिक नहीं की, जिनका जिक्र एडमिरल कूपर ने किया था। साथ ही, चालक दल के सदस्यों की राष्ट्रीयता या उन खाड़ी देशों के नाम भी नहीं बताए गए, जिन्हें कथित रूप से ईरानी मिसाइलों और ड्रोन से निशाना बनाया गया।

सेंट्रल कमांड ने कहा कि अमेरिकी सेना कमांडर-इन-चीफ के आदेश पर आगे के ऑपरेशन करने के लिए तैयार है।

 

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