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मनोज जरांगे बोले- ‘सरकार को घुटनों पर लाएंगे’, मराठा समाज के लोगों से की आत्महत्या न करने की अपील

Manoj Jarange said, "We will bring the government to its knees," and appealed to the Maratha community not to commit suicide.

मराठा आंदोलन के नेता मनोज जरांगे ने चेतावनी दी है कि मराठा समाज मुंबई आने के लिए तैयार है। हम सरकार को घुटनों पर लाएंगे। मराठा समाज पीछे नहीं हटेगा। इसके साथ ही, मनोज जरांगे ने मराठा समाज से अपील करते हुए कहा कि हमें लड़ाई लड़नी है, लेकिन कोई भी आत्महत्या न करे।

मराठा आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलनरत मनोज जरांगे ने कहा कि अगर मराठा समाज के लोग आत्महत्या करते हैं, तो सरकार को उसका कोई दुख नहीं है। सरकार ने मराठों की जान ली है और इसका बदला जरूर लिया जाएगा।

उन्होंने कहा, “मैं आरक्षण लिए बिना चुप नहीं बैठूंगा। चार दिन देर होगी, लेकिन आरक्षण निश्चित रूप से मिलेगा। आपमें से कोई भी आत्महत्या मत करो, यह हाथ जोड़कर विनती है। सरकार की मराठों के प्रति भूमिका यह है कि सरकार ने मराठों का विनाश करने का तय किया है। ऐसे समय में हम सभी को एकजुट होकर संकट का सामना करना होता है। हताश होकर आत्महत्या नहीं करनी होती। हमें सरकार का सामना करना होता है। हम मराठी हैं, हमें उन्हें घुटनों पर लाना है।”

मनोज जरांगे ने आंदोलनकारियों से किसी भी तरह की हिंसा और आगजनी नहीं करने की अपील की। साथ ही, जरांगे ने आरोप लगाया कि सरकार की भूमिका मराठा विरोधी है और सरकार ने मराठों को खत्म करने की साजिश रची है। उन्होंने कहा कि सरकार अन्याय और अत्याचार कर रही है, लेकिन मराठा समाज इस अन्याय को तोड़कर आगे बढ़ेगा। सरकार को असहाय करना है, सरकार को घुटनों पर लाना है।

जरांगे ने आंदोलनकारियों से सरकार की किसी भी तरह की बहकावे वाली रणनीति का शिकार नहीं होने को कहा। उन्होंने कहा कि हमें शांत रहकर अपनी लड़ाई लड़नी है और आखिरकार यह लड़ाई जीतनी है। जरांगे ने मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटील पर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि विखे पाटील ने छत्रपति संभाजीनगर में रहकर मराठा समाज के खिलाफ साजिश रची।

वहीं, वर्षा निवास पर हुई बैठक को लेकर भी जरांगे ने गंभीर आशंका जताई। उन्होंने कहा कि उन्हें संदेह है कि इस बैठक में मराठा आंदोलन पर हमला करने और आंदोलनकारियों की जान जाने जैसी स्थिति पैदा करने को लेकर चर्चा हुई। जरांगे ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और मंत्रियों ने मिलकर मराठा समाज पर हमला करने और उन्हें गोली मारने का फैसला किया है।

जरांगे ने सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि मराठा समाज मुंबई आने के लिए तैयार है। सरकार को जो करना है, वह करे, लेकिन मराठा समाज पीछे नहीं हटेगा। जरांगे ने एक बार फिर आंदोलनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि कोई आत्महत्या न करे, कोई हंगामा न करे और किसी तरह की आगजनी या रास्ता रोको आंदोलन न किया जाए। उन्होंने कहा कि हमें एकजुट रहकर सरकार के अन्याय के खिलाफ लड़ना है।

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