38 वर्षीय शहीद सूबेदार सुनील मलिक का अंतिम संस्कार पानीपत जिले के इसराना क्षेत्र में उनके पैतृक गांव लाखू बुआना में पूरे सैन्य सम्मान के साथ किया गया। पश्चिम बंगाल में तैनात सूबेदार मलिक का 3 मार्च को ड्यूटी के दौरान दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था।
शहीद की अंतिम यात्रा में सैकड़ों लोगों ने भाग लिया और भारत माता की जय व वंदे मातरम का नारा लगाते हुए श्मशान घाट पर जाकर शहीद को श्रद्धांजलि दी। शहीद को पुष्पांजलि अर्पित करने वालों में डीसी वीरेंद्र कुमार दहिया, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी, एसडीएम इसराना आशीष कुमार, तहसीलदार नरेंद्र दलाल व डीएसपी राजबीर सिंह शामिल थे।
सूबेदार मलिक के भाई, सेवानिवृत्त भारतीय सेना कर्मी रूपल मलिक ने चिता को मुखाग्नि दी। सेना के जवानों ने उन्हें बंदूकों के साथ गार्ड ऑफ ऑनर दिया।
सूबेदार मलिक राष्ट्रीय स्तर के वॉलीबॉल खिलाड़ी थे, जो 2010 में खेल कोटे के माध्यम से भारतीय सेना की 6 वीं इंजीनियर रेजिमेंट में शामिल हुए थे। बाद में उन्होंने मुक्केबाजी में कदम रखा। उनके परिवार में उनकी पत्नी पिंकी और दो बेटे, 10 वर्षीय निशु और 6 वर्षीय वंश हैं।
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