हमीरपुर जिले के नादौन उपमंडल के त्यालू गांव में 3,000 रुपये के विवाद में एक व्यक्ति की कथित तौर पर हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान दिग्विजय उर्फ गांगुली के रूप में हुई है, जो पेशे से राजमिस्त्री थे। पुलिस के अनुसार, दिग्विजय के सहायक के रूप में काम करने वाले दो मजदूरों को इस अपराध में शामिल पाया गया है। आरोपियों की पहचान फास्ते पंचायत निवासी सुरजीत और बिहार के मधुबनी जिले के निवासी संतोष के रूप में हुई है। पुलिस ने सुरजीत को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि संतोष अभी भी फरार है।
पुलिस अधीक्षक (एसपी) बलबीर ठाकुर ने कहा, “पुलिस टीमें दूसरे आरोपी की तलाश में छापेमारी कर रही हैं। प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि मंगलवार रात तीनों व्यक्ति एक साथ शराब पी रहे थे, तभी 3,000 रुपये के लेन-देन को लेकर विवाद शुरू हो गया।” एसपी ने बताया कि बहस बढ़ने पर दोनों सहायकों ने कथित तौर पर दिग्विजय पर फावड़े से हमला कर उनकी हत्या कर दी और मौके से फरार हो गए। घटनास्थल से खून से सना फावड़ा बरामद किया गया और फोरेंसिक टीम ने महत्वपूर्ण सबूत जुटाए।
एसपी ने बताया कि यह घटना कथित तौर पर मंगलवार रात को हुई थी, लेकिन पुलिस को इसकी सूचना बुधवार शाम को ही दी गई।
दिग्विजय का खून से लथपथ शव गांव के बाहरी इलाके में एक सुनसान घर के बरामदे में मिला। घास से ढके रास्ते से गुजर रहे ग्रामीणों ने घर के अंदर रोशनी देखी और जांच करने के लिए पास गए। उन्हें यह देखकर गहरा सदमा लगा कि पीड़ित बरामदे में मृत पड़ा है और उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी।

