29 अप्रैल । दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) में मेयर, डिप्टी मेयर और स्थायी समिति के तीन सदस्यों के चुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है। आम आदमी पार्टी (आप) द्वारा चुनाव के बहिष्कार के फैसले पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे संख्या बल की कमी से जोड़ा है।
केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि हाल ही में भाजपा ने गुजरात की 15 नगर निकायों में जीत दर्ज की है, जो इस बात का संकेत है कि देश और दिल्ली की जनता भाजपा पर भरोसा करती है। जब भाजपा सत्ता में होती है, चाहे नगर निगम हो, राज्य हो या केंद्र, तो वह जनता को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का काम करती है।
हर्ष मल्होत्रा ने आगे कहा कि आज के चुनाव में भाजपा ने अपने सक्षम और अनुभवी कार्यकर्ताओं को उम्मीदवार बनाया। उन्होंने कहा कि नई टीम के नेतृत्व में निगम के माध्यम से दिल्ली की जनता को बेहतर सेवाएं और सुविधाएं दी जाएंगी।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का जिक्र करते हुए कहा कि वर्तमान में भाजपा 21 राज्यों में सत्ता में है और आगामी चुनाव परिणामों के बाद यह संख्या और बढ़ सकती है। उन्होंने पश्चिम बंगाल, असम और तमिलनाडु में भी एनडीए की संभावित जीत का भरोसा जताया और कहा कि पूरे देश में स्थानीय निकायों से लेकर नगरपालिकाओं तक भाजपा को व्यापक समर्थन मिल रहा है।
वहीं, भाजपा सांसद योगेंद्र चंदोलिया ने आम आदमी पार्टी के बहिष्कार पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यह वास्तविक बहिष्कार नहीं, बल्कि संख्या बल की कमी का परिणाम है। ‘आप’ के पास चुनाव लड़ने के लिए पर्याप्त समर्थन नहीं था, इसलिए उनके पास कोई और विकल्प नहीं बचा।
उन्होंने कांग्रेस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उसके पास भी पर्याप्त संख्या नहीं है, लेकिन वह किसी भी प्रकार का निर्णय ले सकती है।
एमसीडी की स्थायी समिति की अध्यक्ष सत्या शर्मा ने भी आप के बहिष्कार के फैसले की आलोचना की। उन्होंने कहा कि यह उनका व्यक्तिगत निर्णय है, लेकिन उन्हें चुनाव में भाग लेना चाहिए था। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावों का बहिष्कार करना आम आदमी पार्टी की आदत बन चुकी है।
भाजपा सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा कि आप के फैसले के पीछे की असली वजह उनके नेता अरविंद केजरीवाल ही बता सकते हैं।
बता दें कि दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के नए महापौर पद के चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को जीत मिली। बुधवार को हुए मतदान और मतगणना में भाजपा के उम्मीदवार प्रवेश वाही ने जीत हासिल की।
दिल्ली मेयर चुनाव में कुल 165 वोट डाले गए, जिनमें से भाजपा को 156 वोट मिले, वहीं कांग्रेस उम्मीदवार को 9 वोट मिले। पहले से ही भाजपा उम्मीदवार की जीत लगभग तय मानी जा रही थी, बस औपचारिकता बाकी थी। चुनाव में भाजपा के पास पर्याप्त बहुमत होने और आम आदमी पार्टी (आप) के चुनाव न लड़ने के कारण प्रवेश वाही बिना किसी चुनौती के दिल्ली के नए मेयर बन गए।

