March 23, 2026
National

मिडिल ईस्ट युद्ध रुकना चाहिए, निर्दोषों की जान लेकर कुछ हासिल नहीं होगा: तस्लीमा अख्तर

Middle East war must stop, nothing will be achieved by killing innocent people: Taslima Akhtar

मानवाधिकार रक्षक और ‘एसोसिएशन ऑफ टेरर विक्टिम्स इन कश्मीर’ की चेयरपर्सन तस्लीमा अख्तर ने मिडिल ईस्ट युद्ध को लेकर कहा कि अमेरिका का सच पूरी दुनिया के सामने आ गया है। निर्दोष लोगों की जान लेकर क्या हासिल होगा? इस युद्ध को रुकना चाहिए, नहीं तो हम तीसरे विश्व युद्ध की ओर बढ़ रहे हैं। पूरी दुनिया को इस वक्त एकजुट होने की जरूरत है।

61वें यूएनएचआरसी सत्र में तस्लीमा अख्तर ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के संकट, इस क्षेत्र को अस्थिर करने में पाकिस्तान की भूमिका और पहलगाम आतंकी हमले पर अपनी बात रखी।

श्रीनगर में आईएएनएस से बातचीत में तस्लीमा अख्तर ने कहा कि इस बार हमारा भाषण 2025 में पहलगाम में हुई उस घटना पर केंद्रित था, जिसमें निहत्थे लोगों की हत्या कर दी गई थी। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर (पीओके) भारतीय जम्मू-कश्मीर का ही एक हिस्सा है। हमने हमेशा इस बारे में बात की है और आगे भी करते रहेंगे। अगर आप भारतीय जम्मू और कश्मीर तथा पीओके के बीच का अंतर देखेंगे, तो पता चलेगा कि वहां आम लोगों के बुनियादी अधिकार पूरी तरह से नदारद हैं। वहां बोलने की आजादी नहीं है। वहां पर सामाजिक कार्यकर्ता को प्रोटेस्ट करने का अधिकार नहीं है। यहां पर प्रोटेस्ट होता है तो सरकार भी उनकी बात को सुनती है।

पाकिस्तान को निशाने पर लेते हुए उन्होंने कहा कि पाकिस्तान जो झूठा प्रोपेगैंडा फैला रहा है, उसे देखिए। उनकी आईएसआई बेबुनियाद है और पूरी दुनिया समझती है कि पाकिस्तान कैसे आतंकवाद को बढ़ावा देता है और कश्मीर में बेगुनाहों की हत्याएं करवाता है। जम्मू-कश्मीर की आवाज उठाना हमारा बुनियादी अधिकार है। 1947 से अब तक जो कुछ भी होता आया है। हमने निश्चित रूप से उसके बारे में बात की है। हमने पहलगाम हमले में 26 निर्दोष लोगों की हत्याओं पर भी चर्चा की। हमने पाकिस्तान और पीओके में लोकतांत्रिक मूल्यों और मानवाधिकारों के बारे में भी बात की है।

तस्लीमा अख्तर ने कहा कि हम यह कहते आ रहे हैं कि दुनियाभर के देशों ने धर्म का, खासकर इस्लाम के नाम पर, गलत तरीके से दुरुपयोग किया है। कुछ जगहों पर इंसानियत को खत्म किया जा रहा है। उदाहरण के लिए उन्होंने अस्पतालों पर हमला किया और अफगानिस्तान में लगभग 400 बेकसूर लोगों को मार डाला।

मिडिल ईस्ट युद्ध को लेकर उन्होंने कहा कि इस समय, मुझे लगता है कि पूरी दुनिया को एकजुट होने की जरूरत है। अब दुनिया को असलियत का पता चल गया है। अमेरिका खुद को एक ‘महाशक्ति’ के तौर पर दिखाता था, उसका असली चेहरा सामने आ गया है और हर कोई देख सकता है कि वह सच में कितनी बड़ी महाशक्ति है। मेरा मानना ​​है कि युद्ध कोई समाधान नहीं है। ऐसा लगता है कि हालात तीसरे विश्व युद्ध की तरफ बढ़ रहे हैं। इस युद्ध को रोकना चाहिए, ताकि निर्दोष लोगों की जान न जाए। मुझे समझ नहीं आता है कि आप क्या हासिल करना चाहते हैं। क्या यह मानवता है?

तस्लीमा अख्तर ने कहा कि सबसे पहले तो इससे कई देश प्रभावित होंगे। अगर आप देखें, तो पूरा मध्य-पूर्व इस समय अशांत है। अमेरिका ने ईरान के प्रति बहुत ही गलत नीति अपनाई। वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति का जिस तरह से उन्होंने अपहरण किया, वह भी गलत था। ईरान ने उन्होंने सवाल किया कि अगर अमेरिका को जंग लड़ने का शौक है, तो उसने मुस्लिम देशों की एयरबेस क्यों ली?

भारत का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यहां का सिस्टम बहुत ही सुचारू रूप से चल रहा है। यहां की राजनीति बहुत ही अलग और प्रभावी तरीके से काम कर रही है। हर कोई अपना काम कर रहा है, सेना अपनी जिम्मेदारियां निभा रही है और सामाजिक कार्यकर्ता अपना-अपना योगदान दे रहे हैं। कोई किसी के काम में दखल नहीं दे रहा है। मेरा मानना ​​है कि यह एक अच्छी स्थिति है, हालांकि पाकिस्तान में अगर कोई मौलिक अधिकारों की बात करता है तो उसे जेल भेज दिया जाता है।

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