February 3, 2026
National

राज्यसभा में मिलिंद देवरा ने कहा- अमेरिका से व्यापार समझौता फायदे का सौदा है

Milind Deora said in Rajya Sabha – Trade agreement with America is a profitable deal

अमेरिका के साथ हुआ व्यापार समझौता फायदे का सौदा है। राज्यसभा सांसद मिलिंद देवरा ने मंगलवार को राज्यसभा में यह बात कही। उन्होंने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के समय को लेकर विपक्ष की ओर से उठाए गए सवालों का जवाब भी दिया।

उन्होंने कहा कि दुनिया में अलग-अलग टाइम जोन होते हैं। जब भारत में रात होती है, तब अमेरिका में दिन होता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कुछ लोगों को शायद टाइम जोन की समझ नहीं है। टैरिफ के मुद्दे पर उन्होंने साफ किया कि भारत पर लगाया गया टैरिफ चीन, बांग्लादेश, वियतनाम और इंडोनेशिया जैसे देशों से भी कम है। भारत पर करीब 18 प्रतिशत टैरिफ है, जबकि चीन पर 34 प्रतिशत तक टैरिफ लगाया गया है। इससे साफ है कि भारत के साथ किया गया व्यापार समझौता नुकसान का नहीं, बल्कि फायदे का सौदा है।
राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा के दौरान मिलिंद देवरा ने कहा कि साल 2026 दुनिया और भारत, दोनों के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहने वाला है। उन्होंने कहा कि यह समय अस्थिरता और बदलावों से भरा है, लेकिन ऐसे दौर में प्रधानमंत्री और सरकार ने हर चुनौती का जवाब दिया है और उन्हें अवसर में बदलने का काम किया है। उनका कहना था कि देश पूरे भरोसे के साथ आगे बढ़ रहा है।

मिलिंद देवरा ने कहा कि आज के समय में किसी भी देश की ताकत उसकी अर्थव्यवस्था से तय होती है। उन्होंने बताया कि भारत आज दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है, जिसकी जीडीपी 3.5 ट्रिलियन डॉलर से ज्यादा है। भारत करीब 7 प्रतिशत की दर से विकास कर रहा है, जो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेज है। वैश्विक विकास में भारत की हिस्सेदारी लगभग 17 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है।

शेयर बाजार को लेकर विपक्ष पर निशाना साधते हुए मिलिंद देवरा ने कहा कि बजट के बाद अचानक शेयर बाजार उनके लिए बहुत बड़ा मुद्दा बन गया। उन्होंने कहा कि बजट के बाद बाजार दो प्रतिशत से भी कम गिरा और अगले ही दिन तीन प्रतिशत से ज्यादा चढ़ गया। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर विपक्ष अपने ही तर्कों पर चले, तो क्या उसे यह नहीं मानना चाहिए कि अमेरिका के साथ व्यापार समझौता सफल रहा है और इससे भारत को फायदा होगा?

उन्होंने सप्लाई चेन और अहम खनिजों का जिक्र करते हुए कहा कि आज इलेक्ट्रिक वाहनों और मोबाइल फोन में इस्तेमाल होने वाले लिथियम और कोबाल्ट जैसे खनिजों की प्रोसेसिंग का बड़ा हिस्सा कुछ ही देशों, खासकर चीन में होता है। आने वाले समय में इन खनिजों की मांग कई गुना बढ़ने वाली है। ऐसे में भारत की ओर से घरेलू खनन और विदेशी साझेदारी पर जोर देना एक सही और दूरदर्शी कदम है, जो आत्मनिर्भर भारत को मजबूत करेगा।

राष्ट्रीय सुरक्षा पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि सुरक्षित सीमाओं के बिना आर्थिक तरक्की संभव नहीं है। भारत के पास दुनिया की सबसे बड़ी सेनाओं में से एक है और देश जमीन, समुद्र, हवा, साइबर व अंतरिक्ष हर मोर्चे पर सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रहा है। इसके बावजूद भारत ने कई देशों के साथ मजबूत रक्षा साझेदारी बनाई है और आज वह रक्षा उपकरणों का निर्यातक भी बन रहा है।

मिलिंद देवरा ने कहा कि अगर इस अस्थिर दुनिया में भारत को आगे बढ़ना है, तो युवाओं को मजबूत करना सबसे जरूरी है। भारत दुनिया का सबसे युवा देश है। आबादी का बड़ा हिस्सा 35 साल से कम उम्र का है और हर साल लाखों युवा कामकाजी उम्र में प्रवेश कर रहे हैं। यही युवा शक्ति भारत की सबसे बड़ी ताकत है।

उन्होंने अंत में कहा कि राष्ट्रपति का अभिभाषण देश की दिशा स्पष्ट करता है। मजबूत अर्थव्यवस्था, सुरक्षित सीमाएं, मजबूत सप्लाई चेन, तकनीक और युवाओं पर भरोसा, इसी रास्ते पर चलकर भारत आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ेगा और दुनिया में अपनी स्थिति और मजबूत करेगा।

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