N1Live Punjab मंत्री बरिंदर गोयल ने सरदूलगढ़ हलके में करीब 15 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित चार माइनरों और पुल का उद्घाटन किया
Punjab

मंत्री बरिंदर गोयल ने सरदूलगढ़ हलके में करीब 15 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित चार माइनरों और पुल का उद्घाटन किया

मानसा (पंजाब0, मार्च 31, 2025): पंजाब के जल संसाधन मंत्री बरिन्दर कुमार गोयल ने सोमवार को मानसा जिले के सरदूलगढ़ विधानसभा क्षेत्र में चार नवनिर्मित माइनरों और एक पुल का उद्घाटन किया।

लगभग 15 करोड़ रुपये की लागत से पूरी होने वाली इन परियोजनाओं से इस क्षेत्र में सिंचाई सुविधाएं और बढ़ेंगी।

इन परियोजनाओं को जनता को समर्पित करने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए श्री बरिन्द्र कुमार गोयल ने कहा कि जहां चार माइनरों – रोड़की माइनर, खैरा माइनर, झंडा माइनर तथा माइनर नं.-11 बोहा डिस्ट्रीब्यूटरी – का निर्माण 12.82 करोड़ रुपये की लागत से पूरा हो चुका है, वहीं 2.10 करोड़ रुपये की लागत से ऐतिहासिक महत्व का एक पुल भी बनाया गया है।

उन्होंने बताया कि रोड़की माइनर की कुल लंबाई 45,125 फीट है और यह सरदूलगढ़ ब्लॉक के आहलूपुर, कौरीवाड़ा, भल्लांवाला, सरदूलगढ़, फूसमंडी, रणजीतगढ़ बंद्रां, खैरा खुर्द, भूंदड़, रोड़की, झंडा खुर्द, साधुवाला, मीरपुर खुर्द, टिब्बी हरी सिंह और सरदूलेवाला सहित गांवों को पीने और सिंचाई का पानी उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा कि इससे 7,636 एकड़ जमीन को फायदा होगा। इसी तरह, खैरा माइनर, जो 22,040 फीट लंबी है, ब्लॉक के खैरा खुर्द, आहलूपुर, खैरा कलां, झंडा कलां और सरदूलगढ़ सहित गांवों को पीने और सिंचाई का पानी उपलब्ध कराएगी। इस माइनर से 1,934 एकड़ जमीन की सिंचाई होगी। कैबिनेट मंत्री ने आगे बताया कि 19180 फुट लम्बी झंडा माइनर से सरदूलगढ़ ब्लाक के मनखेरा और झंडा कलां गांवों को पीने का पानी मिलेगा और 2586 एकड़ भूमि को सिंचाई का पानी मिलेगा। इसी तरह 22575 फुट लम्बी माइनर नंबर-11 बोहा डिस्ट्रीब्यूटरी से सरदूलगढ़ ब्लाक के मीरापुर खुर्द, जटाना कलां, टिब्बी हरी सिंह, सरदूलेवाला और काहनेवाला गांवों को पीने का पानी और सिंचाई का पानी मिलेगा, जिससे 4114 एकड़ भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी।

पत्रकारों से बातचीत के दौरान श्री बरिंदर कुमार गोयल ने बताया कि घग्गर नदी पर 2.10 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित स्टील फुट ब्रिज भी आज जनता को समर्पित किया गया। उन्होंने कहा कि एक वर्ष के रिकार्ड समय में बनकर तैयार हुए इस पुल से तीन-चार गांवों के निवासियों के लिए घग्गर नदी पार करना आसान हो गया है।

उन्होंने कहा कि यहां एक पुराना पुल था जिसे 2023 की बाढ़ के दौरान पानी के दबाव के कारण ध्वस्त कर दिया गया था। नए पुल को सभी जल स्तरों को झेलने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिसकी लंबाई तीन मीटर और लंबाई लगभग 94 मीटर है।

एक सवाल के जवाब में श्री बरिंदर कुमार गोयल ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार ने अब तक राज्य में लगभग 17,565 जलमार्गों का निर्माण और पुनरुद्धार किया है तथा 4,500 किलोमीटर भूमिगत पाइपें बिछाई हैं। उन्होंने बताया कि पिछले तीन सालों में मान सरकार ने नहरों पर 4,557 करोड़ रुपए खर्च किए हैं, जो पिछली सरकार द्वारा इसी अवधि के दौरान नहरों पर खर्च की गई राशि से दोगुना से भी अधिक है।

उन्होंने कहा कि मान सरकार ने मानसा, पटियाला और संगरूर जिलों के लिए 35 करोड़ रुपये की लागत से सरहिंद फीडर की रीलाइनिंग की है। लगभग 25 किलोमीटर लंबे हिस्से की रीलाइनिंग सिर्फ़ एक महीने में की गई है और जिले में सिंचाई के लिए पानी लाने के लिए इसकी पानी की क्षमता 900 क्यूसेक से बढ़ाकर 1600 क्यूसेक कर दी गई है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार पानी के वितरण को तर्कसंगत बना रही है।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों के नेताओं ने अपने निजी फायदे के लिए पंजाब के पानी का बंटवारा किया। उन्होंने अपने इलाकों के लिए ज्यादा पानी लिया और बाकी इलाकों को किस्मत के भरोसे छोड़ दिया। इन शासकों की जहां जमीनें थीं, वहां पानी की भरमार थी और कहीं सात क्यूसेक तो कहीं छह क्यूसेक पानी की अनुमति थी। उन्होंने कहा कि हम पानी के असमान बंटवारे को ठीक कर रहे हैं। इसी पहल के तहत जिले में पानी का आवंटन दो क्यूसेक से बढ़ाकर तीन क्यूसेक कर दिया गया है।

कैबिनेट मंत्री ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पंजाब ने देश को पानी पिलाने के लिए भूजल का दोहन किया है। पंजाब ने देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए अपना सबकुछ कुर्बान कर दिया, लेकिन केंद्र सरकार पंजाब के लोगों के प्रति अपनी जिम्मेदारी से भाग रही है। उन्होंने कहा कि आज पंजाब को नहरें बनाने और भूमिगत पाइप बिछाने के लिए 17000 करोड़ रुपए की जरूरत है। अगर पूरे पंजाब में नहरें बनाई जाएं और भूमिगत पाइप बिछाए जाएं, तो राज्य अपने पानी का 20 प्रतिशत अतिरिक्त बचा सकता है। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि वह सलाह देने में समय बर्बाद करने के बजाय पंजाब के पानी को बचाने के लिए अपना कर्तव्य निभाए।

इस दौरान सरदूलगढ़ विधायक गुरप्रीत सिंह बनवाली ने कहा कि भूजल बचाने के लिए नहरी पानी को खेतों तक पहुंचाना पंजाब सरकार की अहम पहल है। उन्होंने कहा कि नहरी पानी को टेल तक पहुंचाने का श्रेय मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार को जाता है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार हमेशा किसानों के साथ खड़ी है और सरदूलगढ़ हलके के विकास कार्यों में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।

उपस्थित अन्य लोगों में प्रमुख रूप से जिला योजना बोर्ड के अध्यक्ष एस. चरणजीत सिंह अक्कनवाली, डेरा जस्सी पो वली के प्रमुख स्वामी विवेकानन्द जी, डेरा बाबा भाई गुरदास के प्रमुख महंत अमृत मुनि, डेरा बाबा भानी दास के बाबा केसर दास, डेरा बाबा हकतला के बाबा केवल दास और विभिन्न विभागों के अधिकारियों के अलावा गांव के सरपंच और पंच शामिल थे।

Exit mobile version