N1Live Entertainment मनी लॉन्ड्रिंग केस : जैकलीन फर्नांडीज ने सुप्रीम कोर्ट से वापस ली अपनी याचिका
Entertainment

मनी लॉन्ड्रिंग केस : जैकलीन फर्नांडीज ने सुप्रीम कोर्ट से वापस ली अपनी याचिका

Money Laundering Case: Jacqueline Fernandez withdraws her plea from the Supreme Court.

बॉलीवुड अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडीज से जुड़े 200 करोड़ रुपए के कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। अभिनेत्री ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में दाखिल याचिका वापस ले ली है। सुप्रीम कोर्ट ने भी उन्हें यह याचिका वापस लेने की अनुमति दे दी है। यह पूरा मामला कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़ा हुआ है और इसकी जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) कर रहा है।

जानकारी के अनुसार, जैकलीन फर्नांडीज ने पहले दिल्ली की ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उनके खिलाफ आरोप तय करने के निर्देश दिए गए थे। इसके खिलाफ उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था लेकिन अब उन्होंने अपनी याचिका वापस लेने का फैसला किया है।

अदालत में उनके वकील ने यह दलील दी कि वे इस मामले में आगे उचित कानूनी उपाय अपनाना चाहते हैं, इसलिए याचिका को वापस लेने की अनुमति दी जाए। सुप्रीम कोर्ट ने इस अनुरोध को स्वीकार करते हुए याचिका वापस लेने की इजाजत दे दी।

दरअसल, 30 मई को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने ईडी द्वारा पेश किए गए सबूतों के आधार पर जैकलीन फर्नांडीज, कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर, उसकी पत्नी लीना पॉलोस और 14 अन्य लोगों के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत आरोप तय करने का आदेश दिया था।

इस मामले में जांच एजेंसियों का आरोप है कि सुकेश चंद्रशेखर ने खुद को सरकारी मंत्रालयों का बड़ा अधिकारी बताकर लोगों से करोड़ों रुपए की ठगी की। इस कथित ठगी की रकम लगभग 200 करोड़ रुपए बताई जाती है।

ईडी की जांच में यह दावा किया गया है कि इस अवैध कमाई का एक हिस्सा महंगे गिफ्ट्स और लग्जरी सामान पर खर्च किया गया। एजेंसी का कहना है कि जैकलीन फर्नांडीज को भी इस नेटवर्क से जुड़े महंगे गिफ्ट्स मिले थे, जो कथित तौर पर अपराध से अर्जित पैसों से खरीदे गए थे। इन उपहारों में लग्जरी कारें, ब्रांडेड सामान, ज्वेलरी और अन्य कीमती चीजें शामिल हैं।

वहीं, जैकलीन फर्नांडीज की कानूनी टीम लगातार यह कहती रही है कि अभिनेत्री इस मामले में पूरी तरह निर्दोष हैं। उनके वकीलों का कहना है कि उन्हें सुकेश चंद्रशेखर की आपराधिक गतिविधियों की कोई जानकारी नहीं थी और वह खुद इस धोखाधड़ी का शिकार बनीं।

Exit mobile version