N1Live National ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर सांसद इमरान मसूद बोले- राहुल गांधी ने युवाओं की नब्ज पहचानी
National

‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर सांसद इमरान मसूद बोले- राहुल गांधी ने युवाओं की नब्ज पहचानी

MP Imran Masood on the 'Chhatron Ki Goonj' (Echo of Students) program: Rahul Gandhi has understood the pulse of the youth.

17 जुलाई । कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को लेकर कहा कि देशभर के युवा और छात्र आज कई तरह की समस्याओं का सामना कर रहे हैं और राहुल गांधी ने उनकी भावनाओं और जरूरतों को अच्छी तरह समझा है।

इमरान मसूद ने आईएएनएस से कहा, “देश के युवा और छात्र कठिनाइयों से गुजर रहे हैं। राहुल गांधी ने उनकी नब्ज को पहचाना है। राजस्थान के कोटा में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को जबरदस्त सफलता मिली थी। देहरादून में होने वाला कार्यक्रम उससे भी दस गुना बड़ा होगा। लोगों में इसे लेकर जबरदस्त उत्साह है।”

बता दें कि राहुल गांधी का ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम शुक्रवार को शाम 5 बजे उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में आयोजित हो रहा है। यह देशभर में छात्रों से सीधे संवाद करने के अभियान का दूसरा बड़ा कार्यक्रम है। इससे पहले इस अभियान की शुरुआत राजस्थान के कोटा से हुई थी।

वहीं, ‘वंदे मातरम’ विवाद पर भी कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “न तो राष्ट्रीय गीत का अपमान हो रहा है और न ही राष्ट्रगान का। जहां तक सम्मान की बात है, सम्मान के अपने-अपने मानदंड हो सकते हैं और यह हर व्यक्ति के अनुसार अलग भी हो सकते हैं। लोगों की अपनी-अपनी मान्यताएं होती हैं।”

उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने भी स्पष्ट किया है कि सम्मान दिखाने का अर्थ केवल एक ही तरीका नहीं है। सम्मान का मतलब शांतिपूर्वक खड़े रहना या पूरे आदर के साथ चुपचाप सुनना भी हो सकता है।

बता दें कि केंद्र सरकार राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ के गायन को रोकने पर सख्ती बरतने की तैयारी में है। केंद्र सरकार संसद के मॉनसून सत्र में एक बिल पेश करने की योजना बना रही है। इस बिल में राष्ट्रीय गीत के गायन को रोकने वाले को तीन साल तक सजा का प्रावधान हो सकता है। राष्ट्रीय गीत में भी राष्ट्रगान जन-गण-मन की तरह ही तीन साल की सजा का प्रावधान है।

Exit mobile version