February 17, 2026
National

मुंबई क्लाइमेट वीक से जलवायु परिवर्तन कार्य योजना को गति मिलेगी: सीएम फडणवीस

Mumbai Climate Week will give impetus to climate change action plan: CM Fadnavis

17 फरवरी । मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को कहा कि जलवायु परिवर्तन की बढ़ती चुनौतियों से निपटने के लिए व्यापक कार्रवाई की आवश्यकता है और मुंबई क्लाइमेट वीक इस दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।

उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र जलवायु परिवर्तन पर कार्यक्रम का नेतृत्व करने के लिए तैयार है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जलवायु कार्रवाई न केवल एक पर्यावरणीय जिम्मेदारी है, बल्कि भविष्य की आर्थिक प्रतिस्पर्धा की कुंजी भी है। वे मुंबई क्लाइमेट वीक शिखर सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में बोल रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन से मुंबई जैसे तटीय महानगर बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। भारी बारिश के कारण परिवहन व्यवस्था ठप हो जाती है, घरों में पानी भर जाता है, कारोबार ठप हो जाते हैं और आजीविका प्रभावित होती है। लू की चपेट में आने से निर्माण श्रमिक, फेरीवाले और किसान प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में बेमौसम बारिश से फसलें बर्बाद हो जाती हैं, जिसका आर्थिक और सामाजिक स्तर पर व्यापक प्रभाव पड़ता है। इसलिए, जलवायु परिवर्तन आज प्रशासन के समक्ष एक गंभीर मुद्दा बन गया है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने आर्थिक विकास और पर्यावरण के प्रति उत्तरदायित्व के बीच संतुलन बनाने का मार्ग अपनाया है। नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में देश ने तीव्र प्रगति की है और स्वच्छ ऊर्जा के विस्तार में भारत विश्व का नेतृत्व कर रहा है।

उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र भी इस परिवर्तन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। वर्तमान में, राज्य में ऊर्जा क्षमता का व्यापक विकास हो चुका है और लक्ष्य 2030 तक हरित ऊर्जा की हिस्सेदारी को 50 प्रतिशत से अधिक तक बढ़ाना है। इसके लिए स्वच्छ हाइड्रोजन, विद्युत परिवहन, जैव ईंधन और टिकाऊ अवसंरचना पर जोर दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र जलवायु परिवर्तन के खिलाफ कार्रवाई को केवल अनुपालन के रूप में नहीं, बल्कि निवेश, नवाचार और रोजगार सृजन के एक विशाल अवसर के रूप में देखता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य औद्योगिक क्षेत्र में नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ाने, शहरों में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने और सार्वजनिक परिवहन एवं लॉजिस्टिक्स प्रणालियों को अधिक पर्यावरण-अनुकूल बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है। बाढ़ नियंत्रण प्रणालियों, जलवायु-अनुकूल शहरी नियोजन और डेटा-आधारित पूर्वानुमान प्रणाली विकसित करने का कार्य जारी है। मुंबई महानगर क्षेत्र की प्रमुख अवसंरचना परियोजनाओं में शुरुआत से ही स्थिरता और आपदा-प्रतिरोध क्षमता को शामिल किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी जलवायु परिवर्तन पर कार्रवाई उतनी ही महत्वपूर्ण है। वर्षा के बदलते पैटर्न, जल संकट और तटीय खतरों को देखते हुए जलवायु-अनुकूल कृषि, कुशल जल प्रबंधन और प्रौद्योगिकी-आधारित ग्रामीण मूल्य श्रृंखलाओं के विकास पर जोर दिया जा रहा है।

यह बदलाव आने वाली पीढ़ियों के लिए आर्थिक अवसर पैदा करेगा। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन के लिए आवश्यक भारी निवेश केवल सरकारी धन से पूरा नहीं किया जा सकता है और उन्होंने अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों और निजी क्षेत्र से सहयोग का आह्वान किया।

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