18 फरवरी । इंडियन रेलवे की सेंट्रल रेलवे और वेस्टर्न रेलवे की संयुक्त टीम ने मुंबई के रे रोड में नकली बाबा के पोस्टर लगाने वाले एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया।
यह कार्रवाई वरिष्ठ डीएससी/बीबी के निर्देश पर और मुखबिरों से मिली सूचना के आधार पर की गई। छापेमारी में एसआईपीएफ/जी.के.राय आईटी सेल, सेंट्रल रेलवे के एएसआई पीके मिश्रा, एसआईपीएफ/एस के सोनी और वेस्टर्न रेलवे की टीम शामिल थी।
टीम ने मीरा अली दरगाह, दारुखाना, रे रोड पर छापा मारा और वहां एमडी नज़ीर अंदारी के बेटे एमडी रज़ुल को लगभग पंद्रह हजार रुपये मूल्य के पोस्टरों के साथ पाया। ये पोस्टर रेलवे परिसर में विज्ञापन देने और व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए लगाए गए थे। पूछताछ में रज़ुल ने स्वीकार किया कि उसने रेलवे परिसर का इस्तेमाल बिना किसी अनुमति के किया।
इसके बाद वडाला पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान पता चला कि इस मामले में और भी संदिग्ध शामिल थे, जिन्होंने रेलवे के डिब्बों में पोस्टर छपवाने और चिपकाने में मदद की। प्रिंटिंग एजेंसी के लेन-देन और पोस्टर पेस्टिंग की जांच अभी चल रही है।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई केवल नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए ही नहीं बल्कि रेलवे परिसर और यात्रियों की सुरक्षा बनाए रखने के लिए भी महत्वपूर्ण है। बिना अनुमति व्यवसाय करना और रेलवे परिसर में पोस्टर लगाना सुरक्षा और अनुशासन के लिए खतरा बन सकता है।
छापेमारी के दौरान टीम ने तकनीकी और गुप्त तरीके अपनाए। मुखबिरों से मिली जानकारी, संदिग्धों की गतिविधियों की निगरानी और रेलवे परिसर की जांच के माध्यम से आरोपी तक पहुंच बनाई गई। टीम ने एमडी रज़ुल के अलावा अन्य संदिग्धों का पता लगाया और उनकी गतिविधियों की जांच की जा रही है।
इस गिरफ्तारी से यह संदेश गया है कि रेलवे परिसर में नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि इस मामले में सभी शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी और रेलवे परिसर में सुरक्षा बढ़ाने के उपाय किए जाएंगे।
इस प्रकार, रेलवे प्रशासन और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई ने नकली बाबा के पोस्टर लगाने के मामले को समय रहते सुलझाकर नियमों के पालन और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की है।


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