2 मई । मुंबई में आगामी मानसून को ध्यान में रखते हुए नगर निगम ने तैयारियों को तेज कर दिया है। इसी क्रम में मुंबई की मेयर रितु तावड़े ने शहर के विभिन्न नालों की सफाई कार्यों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को समय पर काम पूरा करने के निर्देश दिए।
मेयर रितु तावड़े ने माहूल नाले के पास, वसंतदादा कॉलेज के सामने निरीक्षण के दौरान बताया कि यह इलाका बीएमसी के जोन 5 के अंतर्गत आता है, जहां बड़े पैमाने पर नाले की गंदगी हटाने का काम किया जाना है।
उन्होंने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि इस स्थान पर लगभग 3,364 किलो मीट्रिक टन नाले की गंदगी निकालने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, लेकिन ठेकेदार द्वारा काम समय पर शुरू नहीं किया गया। अब तक केवल 869 मीट्रिक टन नाले की गंदगी ही हटाई जा सकी है, जो तय लक्ष्य की तुलना में काफी कम है।
मेयर ने इस धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों और ठेकेदार को काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मानसून आने से पहले सभी नालों की सफाई पूरी करना बेहद जरूरी है, ताकि शहर में जलभराव की समस्या से बचा जा सके। हर साल बारिश के दौरान मुंबई के कई इलाकों में पानी जमा होने से आम जनजीवन प्रभावित होता है, जिसे रोकने के लिए इस बार विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
इस बीच, बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने सफाई कार्यों में पारदर्शिता लाने के लिए एक नई पहल शुरू की है। इसके तहत नाले की गंदगी हटाने के स्थलों पर डिजिटल डैशबोर्ड लगाए जाएंगे, जिससे यह जानकारी रियल-टाइम में उपलब्ध रहेगी कि कितनी गाद निकाली गई है और काम की प्रगति क्या है। इससे न केवल निगरानी आसान होगी, बल्कि किसी भी प्रकार की अनियमितता को भी रोका जा सकेगा।
मेयर ने भरोसा जताया कि तय समय सीमा के भीतर नालों की सफाई पूरी कर ली जाएगी और मुंबई को बारिश के दौरान जलभराव की समस्या से काफी हद तक राहत मिलेगी।
नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि इस बार मानसून पूर्व तैयारियों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है और सभी विभागों को समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं। मानसून शुरू होने से पहले ही सफाई कर ली जाएगी, जिससे लोगों को परेशानी न हो।

