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नालासोपारा में पुलिस ने चार घंटे में किया सनसनीखेज अपहरण-लूट का पर्दाफाश, पांच गिरफ्तार

Nalasopara police bust sensational kidnapping and robbery case in four hours, arrest five

5 मार्च । महाराष्ट्र के नालासोपारा में पुलिस ने एक सनसनीखेज वारदात का पर्दाफाश किया। खुद को क्राइम ब्रांच का पुलिस अधिकारी बताकर युवक का अपहरण कर 2.69 लाख रुपए लूटने वाले पांच आरोपियों को आचोले पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

घटना के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए महज चार घंटे के भीतर आरोपियों को पकड़कर बड़ी सफलता हासिल की। पुलिस अधिकारी के अनुसार, 20 फरवरी 2026 की रात करीब 27 वर्षीय नितेश उमेश सुरजन अपने मित्र के साथ नालासोपारा के लिंक रोड स्थित यूको बैंक रीजेंसी हॉल के पास से अपने बैंक खाते से 2,69,000 रुपए निकालकर लौट रहे थे।

इसी दौरान अज्ञात आरोपियों ने उन्हें रोककर खुद को “क्राइम ब्रांच, ठाणे” का पुलिसकर्मी बताया और जबरन कार में बैठाकर आचोले स्थित श्मशानभूमि रोड पर ले गए। वहां उन्हें जेल में डालने की धमकी दी गई, मारपीट और गाली-गलौज की गई तथा उनके पास से 2,69,000 रुपए की नकद राशि लूटकर आरोपी फरार हो गए।

इस मामले में आचोले पुलिस थाने में भारतीय दंड संहिता 2023 की तमाम धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर आचोले पुलिस की अपराध प्रकटीकरण शाखा ने तकनीकी विश्लेषण और घटनास्थल के आसपास की गहन जांच शुरू की।

जांच के दौरान आरोपी सुधीर शांताराम लांडगे को नालासोपारा से हिरासत में लिया गया। सख्ती से पूछताछ में उसने अपराध कबूल कर अपने साथियों के नाम बताए। इसके बाद पुलिस ने अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिसमें सुधीर शांताराम लांडगे, किरण जगन्नाथ दलवी, राजेश सदाशिव गोसावी, आदिल मोहम्मद हाफिस सैय्यद और सुंदर पालेराम चावरिया शामिल हैं।

पूछताछ में आरोपियों ने साजिश के तहत वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार की। पुलिस ने लूटी गई 2,69,000 रुपए की नकदी, वारदात में इस्तेमाल की गई कार, तीन मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन समेत कुल 14,69,000 रुपए का माल जब्त किया है।

पुलिस अधिकारी के अनुसार, सुधीर लांडगे और किरण दलवी पर पहले से तीन-तीन आपराधिक मामले दर्ज हैं, जबकि सुंदर चावरिया पर दो मामले दर्ज हैं। यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त निकेत कौशिक, अपर पुलिस आयुक्त दत्तात्रय शिंदे, पुलिस उपायुक्त (परिमंडल-2) पौर्णिमा चौगुले-श्रींगी तथा सहायक पुलिस आयुक्त उमेश माने-पाटील के मार्गदर्शन में वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक सुजितकुमार पवार और उनकी टीम ने अंजाम दिया। मामले की आगे की जांच पुलिस उपनिरीक्षक मंगेश वडणे कर रहे हैं।

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