भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल ने गुरुवार को कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम शासन में महिलाओं की अधिक भागीदारी सुनिश्चित करके लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।
वह धर्मशाला में आयोजित “नारी शक्ति वंदन” कार्यक्रम के दौरान एक सभा को संबोधित कर रहे थे, जिसमें विधायक सुधीर शर्मा, पवन काजल और विपिन सिंह परमार के साथ-साथ अन्य भाजपा नेता और बड़ी संख्या में महिला प्रतिभागी शामिल थीं।
बिंदल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण के प्रति दृष्टिकोण कल्याणकारी नीतियों से हटकर महिलाओं की सक्रिय भागीदारी के माध्यम से राष्ट्र निर्माण की व्यापक दृष्टि की ओर स्थानांतरित हो गया है।
उन्होंने कहा कि इस अधिनियम के लागू होने से संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं का प्रतिनिधित्व काफी हद तक बढ़ेगा, जिससे नीति निर्माण में अधिक समावेशिता और संवेदनशीलता आएगी।
प्रमुख पहलों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत 42.7 करोड़ से अधिक महिलाओं को लाभ मिला है, जबकि पोषण 2.0 योजना आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से लगभग 9 करोड़ लाभार्थियों को सहायता प्रदान कर रही है। बिंदल ने आगे कहा कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ जैसी योजनाओं से जन्म के समय लिंग अनुपात में सुधार हुआ है, जबकि मिशन शक्ति और महिला हेल्पलाइन महत्वपूर्ण सहायता सेवाएं प्रदान कर रही हैं।
आर्थिक सशक्तिकरण के विषय पर उन्होंने कहा कि महिलाओं को मुद्रा ऋणों का लगभग 68 प्रतिशत हिस्सा प्राप्त हुआ है और 3 करोड़ से अधिक महिलाएं “लखपति दीदी” के रूप में उभरी हैं। उन्होंने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य संकेतकों में सुधार पर भी प्रकाश डाला और कहा कि उज्ज्वला, स्वच्छ भारत और जल जीवन मिशन जैसी पहलों ने महिलाओं के सम्मान और जीवन की गुणवत्ता को बढ़ाया है।
अंत में, बिंदल ने कहा कि यह अधिनियम एक “नए भारत” की नींव रखेगा जहां महिलाएं सशक्त, आत्मनिर्भर और राष्ट्र निर्माण में केंद्रीय भूमिका निभाएंगी।

