राघव गुलेरिया कांगड़ा-राणीताल चार लेन वाले राजमार्ग पर बाथू पुल के पास अचानक सड़क पर एक बड़ा पत्थर गिर गया, जिससे बचने की कोशिश में चालक द्वारा कार पलट जाने के बाद एक परिवार के पांच सदस्य बाल-बाल बच गए। इस घटना ने एक बार फिर उस इलाके में चट्टान गिरने के खतरे को उजागर किया है, जिसे स्थानीय निवासी मानसून के दौरान बार-बार असुरक्षित क्षेत्र बताते हैं। पिछले बरसात के मौसम में, इसी स्थान पर चट्टान गिरने से एक यात्री की जान चली गई थी।
बैजनाथ मंदिर में दर्शन करने के बाद परिवार बंखंडी लौट रहा था, तभी पहाड़ी से एक बड़ा पत्थर सड़क पर गिर पड़ा। ड्राइवर ने ब्रेक लगाकर गाड़ी को मोड़ने की कोशिश की, लेकिन गाड़ी बेकाबू होकर पलट गई। गाड़ी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई, लेकिन उसमें सवार सभी पांचों लोग बाल-बाल बच गए। दुर्घटना के दौरान कार के एयरबैग खुल गए, जिससे यात्रियों की जान बच गई। स्थानीय निवासी तुरंत मौके पर पहुंचे और पलटी हुई गाड़ी से परिवार को बाहर निकालने में मदद की।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि मानसून के दौरान बाथू पुल के पास का इलाका बार-बार खतरनाक हो जाता है, जहां अचानक चट्टानें गिरने और भूस्खलन से यात्रियों को गंभीर खतरा रहता है। भारी बारिश के दौरान यह खतरा और भी बढ़ जाता है, जब ढीली चट्टानें और मलबा बिना किसी चेतावनी के राजमार्ग पर गिर सकते हैं।
निवासियों ने यह भी बताया कि भूस्खलन के बाद अक्सर यातायात एक ही लेन तक सीमित हो जाता है। उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि भूस्खलन या दुर्घटना होने का इंतजार करने के बजाय, भारी बारिश के दौरान एक लेन बंद रखकर निवारक उपाय अपनाएं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से उचित ढलान स्थिरीकरण और भूस्खलन सुरक्षा प्रणालियों की स्थापना सहित मजबूत सुरक्षा उपायों को लागू करने की भी मांग की।

