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नेपाल में प्राकृतिक विपदा दुर्भाग्यपूर्ण, हरसंभव मदद दे भारत सरकार : मनोज झा

Natural disaster in Nepal is unfortunate; the Government of India should provide all possible assistance: Manoj Jha.

नेपाल में प्राकृतिक आपदा को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने अपने विचार व्यक्त किए और इस विपदा में जान गंवाने वाले लोगों के प्रति अपनी संवेदना भी जाहिर की।

राष्ट्रीय जनता दल के प्रवक्ता मनोज झा ने कहा कि इस तरह का प्रलय हाल के दिनों में नहीं देखा गया। यह हादसा क्यों हुआ? इसे लेकर लोग अलग-अलग कारण बता रहे हैं। जिस तरह हमने इमारतों, सड़कों और गांवों को एक पल में गायब होते हुए देखा है, यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। ऐसी स्थिति में मैं समझता हूं कि भारत इस मुश्किल समय में नेपाल को मदद प्रदान करे। इसके अलावा, नेपाल से सटे उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों के बीच में भी डर का माहौल बना हुआ है। मैं समझता हूं कि इन सभी स्थितियों को ध्यान में रखते हुए हमारी पूरी तैयारी दुरूस्त रहनी चाहिए। हम स्थिति को ज्यादा चुनौतीपूर्ण नहीं होने दें।

वहीं, कांग्रेस के मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा ने भी नेपाल में आए प्राकृतिक आपदा को लेकर अपने विचार रखे। उनके मुताबिक, नेपाल में जिस तरह से प्रकृति ने अपना कहर दिखाया है, वो वाकई में चिंताजनक है। नेपाल से हमेशा अच्छे रिश्ते रहे हैं। ऐसी स्थिति में भारत की ओर से जो भी मदद नेपाल को दी जा सकती है, वो दी जानी चाहिए। भारत सरकार से मेरा यही कहना है कि वो तत्काल नेपाल को हर संभव मदद देने की दिशा में कदम बढ़ाए। इसके अलावा, जो भारतीय लापता हुए हैं, उनकी तलाश तेज की जाए। नेपाल में कई लोगों के लापता होने की सूचना मिल रही है। यह स्थिति बहुत ही दिल दहला देने वाली है। ऐसी स्थिति में भारत सरकार को अविलंब मदद नेपाल को पहुंचानी चाहिए। भारतीय वायु सेना को भी नेपाल भेजा जाना चाहिए, ताकि वो भी रेस्क्यू ऑपरेशन में मदद कर सके।

जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि हाल ही में सीएम सम्राट चौधरी ने नेपाल में आने वाली बाढ़ से जिस तरह की चुनौतियों का सामना मिथलांचल के लोगों को करना पड़ता है, उसे लेकर केंद्र सरकार के सामने अपनी बात रखी गई थी। इन मामलों को लेकर राज्य और केंद्र सरकार दोनों गंभीर है। बिहार के अंदर आपदा नीति नहीं थी। नीतीश कुमार ने इस नीति को बनाने का काम किया। हम लोग बाढ़ पूर्व ही प्रबंधन का काम करते हैं। इसके बावजूद हमारे लिए चुनौती हैं। इसके लिए हम केंद्र सरकार से आग्रह करेंगे कि वे कोई समाधान निकालें। नीतीश कुमार जब सीएम बने, तभी उन्होंने बाढ़ से निपटने को लेकर गंभीर रूख अख्तियार किया। मधेपुरा से लेकर मिथलांचल का पूरा इलाका इससे प्रभावित होता है।

उधर, नेपाल में आए बाढ़ की वजह से बिहार में भी इसे लेकर अलर्ट जारी है। राजद सांसद मीसा भारती ने कहा, बिहार के लिए बाढ़ कोई नई बात नहीं है। हालांकि, सवाल यह है कि आखिर इसे लेकर राज्य सरकार ने अब तक कोई विशेष तैयारी क्यों नहीं की है। भागलपुर में गंगा का जलस्तर काफी बढ़ा हुआ है। इसके बावजूद आप श्रमिकों की जान जोखिम में डाल रहे हैं।

राजद नेता तेजस्वी यादव ने भी नेपाल त्रासदी पर कहा कि नेपाल में बाढ़ की वजह से ही भारत में भी बाढ़ का खतरा होता है। अफसोस की बात है कि केंद्र से लेकर राज्य तक में एनडीए की सरकार होने के बाद भी समस्या बरकरार है। अब तक इन लोगों ने कोई ठोस समाधान नहीं निकाला है। इतने सालों के बाद भी इस मामले के समाधान के लिए गंभीर प्रयास नहीं किए जा रहे हैं।

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