राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) 7 अक्टूबर को नई दिल्ली के विज्ञान भवन के प्लेनरी हॉल में ‘प्रोटेक्शन ऑफिसर्स का राष्ट्रीय सम्मेलन’ आयोजित करेगा। इसका नेतृत्व एनसीडब्ल्यू अध्यक्ष विजया राहटकर करेंगी। यह सम्मेलन “महिला सबसे पहले: घरेलू हिंसा के मामलों में सुरक्षा और न्याय को मजबूत करना” विषय पर आयोजित किया जाएगा।
इस कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की कैबिनेट मंत्री अन्नपूर्णा देवी मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगी। उद्घाटन सत्र में “फ्रॉम वायलेंस टू प्रोटेक्शन-हाउ विमेन कैन टेक हेल्प ऑफ प्रोटेक्शन ऑफिसर्स इन डोमेस्टिक वायलेंस केसेस” (हिंसा से सुरक्षा की ओर-घरेलू हिंसा के मामलों में महिलाएं प्रोटेक्शन ऑफिसर्स की मदद कैसे ले सकती हैं) किताब का विमोचन भी किया जाएगा।
इस नेशनल कॉन्फ्रेंस में प्रोटेक्शन ऑफिसर्स एक साथ आएंगे ताकि घरेलू हिंसा के मामलों में संस्थागत प्रतिक्रिया को मजबूत करने और महिलाओं को सुरक्षा व न्याय तक प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करने पर विचार-विमर्श किया जा सके। यह कॉन्फ्रेंस प्रोटेक्शन ऑफिसर्स की क्षमता को मजबूत करने पर केंद्रित होगी ताकि वे घरेलू हिंसा की शिकायतों पर प्रभावी ढंग से कार्रवाई कर सकें, समय पर सुरक्षा और सहायता उपलब्ध करा सकें और देशभर से बेहतरीन तौर-तरीकों व अनुभवों को साझा कर सकें।
राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने इस पहल के बारे में बात करते हुए कहा, “घरेलू हिंसा का सामना कर रही महिलाओं को कानून के तहत मिलने वाली सुरक्षा और सहायता मिल सके, यह सुनिश्चित करने में संरक्षण अधिकारी अहम भूमिका निभाते हैं। उनकी क्षमता को मजबूत करना, आपसी तालमेल बेहतर करना और कारगर तरीकों को साझा करना बहुत जरूरी है, ताकि हर महिला हिंसा की स्थिति से निकलकर सुरक्षा, सम्मान और न्याय की ओर बढ़ सके।”
पूर्व मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल “शिकायत से सुरक्षा तक: घरेलू हिंसा पर असरदार ढंग से कार्रवाई करने के लिए सुरक्षा अधिकारियों को सशक्त बनाना” विषय पर एक खास तकनीकी सत्र लेंगी। यह सत्र सुरक्षा अधिकारियों की कार्रवाई को बेहतर बनाने और घरेलू हिंसा का सामना कर रही महिलाओं को असरदार सुरक्षा दिलाने में आने वाली चुनौतियों से निपटने पर केंद्रित होगा। इस कॉन्फ्रेंस में सुरक्षा अधिकारियों के साथ एक इंटरैक्टिव सत्र भी होगा, जिसमें उन्हें घरेलू हिंसा के मामलों से निपटने के अपने अनुभव और बेहतरीन तौर-तरीके साझा करने का मौका मिलेगा।
समापन सत्र में सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस और नालसा (एनएएलएसए) के कार्यकारी अध्यक्ष विक्रम नाथ की उपस्थिति रहेगी। नेशनल कॉन्फ्रेंस के जरिए एनसीडब्ल्यू प्रोटेक्शन ऑफिसर्स को बेहतर जानकारी, असरदार तरीकों और अनुभव साझा करने के लिए एक मंच देकर घरेलू हिंसा के मामलों में संस्थागत प्रतिक्रिया को मजबूत करना चाहता है। यह पहल इस बात के प्रति आयोग की प्रतिबद्धता को दोहराती है कि हिंसा का सामना कर रही महिलाओं को समय पर सुरक्षा, सहायता और न्याय मिल सके।

