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नीरज कुमार सिन्हा बांकीपुर से बने भाजपा उम्मीदवार, बड़े भाई ने कहा-मेहनत का मिला फल

Neeraj Kumar Sinha becomes BJP candidate from Bankipur; elder brother says it is the reward for hard work.

बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने नीरज कुमार सिन्हा को अपना आधिकारिक उम्मीदवार घोषित किया। इस पर उनके बड़े भाई अमरेंद्र कुमार ने खुशी जताई है। उन्होंने आईएएनएस से बातचीत में कहा, “मुझे बहुत खुशी है और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का आभार है। लगभग 25 वर्षों से नीरज कुमार सिन्हा उनके साथ काम कर रहे थे। उन्होंने मेरे छोटे भाई को इस मुकाम तक पहुंचाया और मेहनत की कद्र की।”

नीरज कुमार सिन्हा की भाभी ने भी खुशी जाहिर करते हुए कहा, “हम खुश भी हैं और यह खबर सुनकर चौंक भी गए। बहुत अच्छा लग रहा है। उन्होंने काफी संघर्ष किया है और अब उन्हें उसकी मेहनत का फल मिला है। वह लंबे समय से नितिन नवीन के साथ काम कर रहे हैं।” अभिषेक कुमार सिन्हा उर्फ बंटी को इस उपचुनाव में उम्मीदवार बनाया गया था, लेकिन उन्होंने पारिवारिक कारण बताते हुए नामांकन वापस ले लिया। इसके बाद भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और मुख्यालय प्रभारी अरुण सिंह की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में नीरज कुमार सिन्हा के नाम की घोषणा की गई।

भाजपा ने इस बार किसी बड़े या चर्चित चेहरे के बजाय एक जमीनी कार्यकर्ता पर भरोसा जताया है। नीरज कुमार सिन्हा लंबे समय से पार्टी संगठन से जुड़े हुए हैं और कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। वह दो बार मंडल अध्यक्ष रह चुके हैं और वर्तमान में नरेंद्र भारती मंडल के अध्यक्ष हैं। पार्टी नेताओं का कहना है कि संगठन में उनके लंबे अनुभव, जमीनी पकड़ और कार्यकर्ताओं के साथ मजबूत संबंधों को देखते हुए उन्हें उम्मीदवार बनाया गया है।

पार्टी सूत्रों के अनुसार, नीरज कुमार सिन्हा का परिवार लंबे समय से भारतीय जनसंघ और भाजपा से जुड़ा रहा है। उनके दादा जनसंघ के सक्रिय कार्यकर्ता थे और क्षेत्र में संगठन को मजबूत करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही थी। नरेंद्र भारती मंडल का नाम भी उनके सम्मान में रखा गया है, जिसकी जिम्मेदारी फिलहाल नीरज कुमार सिन्हा संभाल रहे हैं।

बांकीपुर विधानसभा सीट पूर्व भाजपा विधायक नितिन नवीन के राज्यसभा सदस्य चुने जाने के बाद खाली हुई थी। इस सीट पर होने वाला उपचुनाव बिहार की सबसे चर्चित राजनीतिक लड़ाइयों में से एक माना जा रहा है।

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