कृषि एवं पशुपालन मंत्री चंदर कुमार ने सोमवार को कुल्लू जिले के छह विकास खंडों में स्थित 242 ग्राम पंचायतों के नवनिर्वाचित अध्यक्षों और उपाध्यक्षों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। कुल्लू के अटल सदन में आयोजित इस समारोह में बड़ी संख्या में जन प्रतिनिधि, अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
सभा को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि अन्य चुनावी प्रतियोगिताओं के विपरीत, पंचायत चुनाव पार्टी चिन्हों पर नहीं लड़े जाते हैं, जो लोकतंत्र की सच्ची भावना को दर्शाता है और प्रतिनिधियों को जन कल्याण के लिए राजनीतिक संबद्धताओं से परे काम करने में सक्षम बनाता है।
उन्होंने ऐतिहासिक 73वें संवैधानिक संशोधन का श्रेय पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को दिया, जिसने पंचायतों को संवैधानिक दर्जा दिया और उन्हें प्रशासनिक और वित्तीय अधिकार प्रदान किए।
नव निर्वाचित प्रतिनिधियों को बधाई देते हुए चंदर कुमार ने पंचायती राज व्यवस्था को भारतीय लोकतंत्र का सबसे मजबूत स्तंभ बताया। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतें ग्रामीण विकास की नींव हैं और गांवों के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
मंत्री ने निर्वाचित प्रतिनिधियों से निष्पक्ष रूप से, बिना किसी भेदभाव या पक्षपात के सभी नागरिकों की सेवा करने और जनसेवा को सर्वोपरि मानने का आग्रह किया। उन्होंने शिक्षित युवा प्रतिनिधियों से अपनी शक्तियों और जिम्मेदारियों को समझने और पंचायतों के संचालन में ईमानदारी, निष्ठा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने का भी आह्वान किया।
उन्होंने कहा, “विकास कार्यों में लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करें और विश्वास एवं सहयोग के साथ आगे बढ़ें।” उन्होंने प्रतिनिधियों से अगले पांच वर्षों में अपने गांवों को विकास, स्वच्छता, पारदर्शिता और जन कल्याण के आदर्श केंद्रों में बदलने की दिशा में काम करने का भी आग्रह किया।

