12 मार्च । राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने गुरुवार की सुबह जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में आतंकी गतिविधियों और आतंकी फंडिंग से जुड़े एक मामले में कई स्थानों पर छापेमारी की। इस छापेमारी में स्थानीय पुलिस का भी सहयोग लिया गया।
सूत्रों के अनुसार, यह तलाशी अभियान उन कई परिसरों में चलाया गया जो कथित रूप से आतंकवादी गतिविधियों और फंडिंग नेटवर्क से जुड़े व्यक्तियों से संबंधित बताए जा रहे हैं।
आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि ये छापेमारी क्षेत्र में सक्रिय आतंकी संगठनों को कथित वित्तीय मदद और समर्थन से जुड़े मामले की चल रही जांच का हिस्सा है। एनआईए की टीमों ने स्थानीय पुलिस और सुरक्षा बलों की मदद से तलाशी अभियान चलाया और वित्तीय लेन-देन, संचार रिकॉर्ड तथा मामले से जुड़े अन्य साक्ष्य जुटाने का प्रयास किया। यह अभियान तड़के जिले के कई स्थानों पर चलाया गया। सूत्रों ने बताया कि जांचकर्ताओं द्वारा ऐसे दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और अन्य सामग्री की जांच की जा रही है, जिनका संबंध आतंकी फंडिंग गतिविधियों से होने की आशंका है।
आतंकी गतिविधियों को रोकने के लिए एनआईए और स्थानीय प्रशासन लगातार सक्रिय है और कार्रवाई भी कर रहा है।
इससे पहले 2 फरवरी को एनआईए ने श्रीनगर, सोपोर, बांदीपोरा और बारामूला में आईएसआईए से जुड़े आतंकी षड्यंत्र के मामले में सर्च ऑपरेशन चलाया था। टीम ने जेल में बंद सहयोगियों और संदिग्धों के ठिकानों की तलाशी ली थी। 3 फरवरी को श्रीनगर के रैनावारी इलाके में एक गैर सरकारी संगठन से जुड़े मामले में संदिग्ध के घर की तलाशी एनआई ने ली थी।
4 मार्च को पुंछ जिले के भीमबेर गली सेक्टर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर सेना के जवानों ने घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया था। आर्मी की नगरोटा हेडक्वार्टर वाली व्हाइट नाइट कोर को इंटेलिजेंस इनपुट और लगातार सर्विलांस पर कार्रवाई करते हुए 4 मार्च की सुबह लाइन ऑफ कंट्रोल के पास भीमबेर गली के जनरल एरिया में आतंकवादियों की मूवमेंट का पता चला। इस पर व्हाइट नाइट कोर के अलर्ट सैनिकों ने तेजी से काम किया और घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिया था। कोऑर्डिनेटेड ग्राउंड एक्शन से दुश्मन के मंसूबों को असरदार तरीके से नाकाम कर दिया गया था।


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