कैथल की अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डॉ. नंदिता कौशिक की अदालत ने पुंड्री पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले डीग गांव में 4 फरवरी, 2022 को हुई हत्या और हमले से जुड़े एक क्रॉस केस में नौ लोगों को दोषी ठहराया है।
छह दोषियों – धनपत, अंकित, बलिंदर, राजीव, कंवरभान और अमित – को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 302 के तहत अंकित की हत्या का दोषी पाया गया। अदालत ने छहों दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई और प्रत्येक पर 1.50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया। जुर्माने की राशि मृतक अंकित के परिवार को मुआवजे के रूप में दी जाएगी।
इस हत्या मामले में अभियोजन पक्ष का नेतृत्व लोक अभियोजक (पीपी) कुलदीप गर्ग ने किया। अभियोजन पक्ष ने कुल 18 गवाहों से पूछताछ की। इसी से जुड़े मारपीट के मामले में जगदेव, विकास और सुल्तान को मारपीट का दोषी पाया गया। अदालत ने तीनों दोषियों को आईपीसी की धारा 326 और 307 के तहत पांच साल की कैद की सजा सुनाई और प्रत्येक पर 71,000 रुपये का जुर्माना लगाया। अभियोजन पक्ष ने इस मामले में 16 गवाहों से पूछताछ की।
गर्ग के अनुसार, घटना के दौरान विकास ने पांच गोलियां चलाईं। विवाद जगदेव द्वारा अपनी बहन आरती के नाम पर खरीदी गई जमीन को लेकर था। यह जमीन धनपत की जमीन के समान खेवट में स्थित थी। घटना वाले दिन जगदेव और उसके साथी उसके कार्यालय में इकट्ठा हुए थे। विकास के पास एक रिवॉल्वर और एक दोधारी बंदूक थी।
राजीव जगदेव के कार्यालय गया और उसे अपशब्द कहे, जिसके बाद जगदेव और उसके साथी धनपत और होशियारा सिंह के निर्माणाधीन मकान की ओर बढ़े। वे घातक हथियारों से लैस थे और उन्होंने विरोधी दल के सदस्यों पर हमला कर दिया। इस घटना के दौरान विकास ने पांच गोलियां चलाईं।
ग्रामीणों के हस्तक्षेप के बाद, समूह पीछे हट गया। धनपत और उसके साथियों ने समूह का पीछा किया और अंकित को पकड़ लिया। उन्होंने उस पर हमला किया और पीट-पीटकर उसकी हत्या कर दी। उन्होंने आगे कहा कि अदालत ने मुकदमे की सुनवाई के दौरान पेश किए गए सबूतों पर विचार करने के बाद, नौ आरोपियों को उनके खिलाफ साबित हुए आरोपों के अनुसार दोषी ठहराया।
एक अन्य आरोपी अंकुश की मुकदमे की सुनवाई के दौरान मृत्यु हो गई। रिंकू और दीपक को बाद में गिरफ्तार किया गया और वर्तमान में उन पर मुकदमा चल रहा है। उनके मामले अभी अदालत में लंबित हैं और मौजूदा कार्यवाही में नौ आरोपियों के खिलाफ दर्ज दोषसिद्धि से उन पर कोई असर नहीं पड़ा है, लोक अभियोजक ने बताया।

