N1Live National नोएडा : सीबीआई का डर और डिजिटल अरेस्ट, ठगी करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार
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नोएडा : सीबीआई का डर और डिजिटल अरेस्ट, ठगी करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार

Noida: CBI's fear and digital arrest, two fraud accused arrested

20 मार्च । गौतमबुद्धनगर थाना साइबर क्राइम पुलिस ने शुक्रवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए दो शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जो खुद को टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (टीआरएआई) का अधिकारी बताकर पीड़ितों को सीबीआई और क्राइम ब्रांच का डर दिखाकर जांच के नाम पर डिजिटल अरेस्ट कर धोखाधड़ी की घटना को अंजाम देते थे।

आरोपी साइबर ठगी करने वालों को अपने बैंक अकाउंट उपलब्ध कराता था। पुलिस जांच में आरोपियों के बैंक खातों में साइबर ठगी से संबंधित 10.95 लाख रुपए मिले हैं। वहीं, इन साइबर क्रिमिनल्स के संयुक्त बैंक खाते के खिलाफ देश के अलग-अलग राज्यों से छह शिकायतें मिली है।

आरोपियों की पहचान रिषभ तिवारी और कुवंर शुक्ला के रूप में हुई है, जिन्हें साइबर क्राइम पुलिस द्वारा थाना सेक्टर-63 क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया है। अपराधिकों के कब्जे से दो मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं और साइबर क्राइम पुलिस ने अब तक 4 करोड़ 17 लाख रुपए की धनराशि प्राप्त की है।

मामले को लेकर साइबर क्राइम, नोएडा, डीसीपी शैव्या गोयल ने बताया कि कमिश्नर ऑफ पुलिस के नेतृत्व में गौतमबुद्धनगर साइबर क्राइम ब्रांच द्वारा लगातार साइबर क्राइम और साइबर क्रिमिनल्स के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है। कुछ समय पहले थाना साइबर क्राइम में डिजिटल अरेस्ट के संबंध में एक आरोपी के विरुद्ध केस रजिस्टर किया गया था। विवेचना के दौरान थाना साइबर क्राइम पुलिस द्वारा दो अकाउंट होल्डर्स को गिरफ्तार किया गया, जिनके बैंक खातों में करीब 11 लाख रुपए की धनराशि प्राप्त हुई।

उन्होंने आगे बताया कि जांच में यह भी ज्ञात हुआ कि इन दोनों के खिलाफ देश भर में करीब छह शिकायतें दर्ज हैं और इनके खातों में करीब 4 करोड़ रुपए से ज्यादा की फ्रॉड से संबंधित राशि प्राप्त हुई। डीसीपी गोयल ने लोगों से अपील की है कि यदि कोई भी व्यक्ति आपको सरकार का प्रतिनिधि या पुलिस बनकर संपर्क करता है और बैंक डिपॉजिट जैसे किसी भी नाम से पैसे मांगता है, तो इस स्कैम के शिकंजे में न आएं। इस प्रकार की स्थिति में तुरंत 1930 पर कॉल करें या एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। वहीं, दोनों अपराधियों को न्यायालय के सामने पेश कर अन्य विधिक कार्रवाई की जा रही है।

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