चुनाव आयोग ने कर्नाटक में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) के दूसरे चरण में 43.8 लाख मतदाताओं को नोटिस भेजे जाएंगे। चुनाव आयोग के मुताबिक नोटिस और निपटारे की प्रक्रिया 24 अगस्त से शुरू होगी। इसी दिन वोटर लिस्ट का ड्राफ्ट भी प्रकाशित किया जाएगा। यह प्रक्रिया 22 अक्टूबर 2026 तक चलेगी। अंतिम वोटर लिस्ट 27 अक्टूबर को जारी की जाएगी।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार कर्नाटक में इस अभ्यास के तहत कुल 5.54 करोड़ मतदाता मैप किए गए हैं। इनमें से 1.07 करोड़ मतदाताओं को ड्राफ्ट लिस्ट से बाहर रखा गया है। इन्हें एसडीडीओ कैटेगरी में रखा गया है।
बता दें कि चुनाव प्रक्रिया में ‘एसडीडीओ’ या संबंधित हटाई गई सूचियां सीधे तौर पर उस श्रेणी या सूची से जुड़ी है, जिसमें उन मतदाताओं के नाम होते हैं जिनके नाम वोटर लिस्ट से हटाए या संशोधित किए जाते हैं। विशेषकर तब जब मतदाता मृत, अनुपस्थित या स्थानांतरित पाए जाते हैं।
इसके बाद बचे 4.46 करोड़ मतदाता एक्टिव वोटर की श्रेणी में हैं। एक्टिव 4.46 करोड़ मतदाताओं में से 20.35 लाख मतदाताओं के रिकॉर्ड में कुछ गड़बड़ियां पाई गई हैं। वहीं 23.45 लाख मतदाता ‘नो-मैपिंग’ कैटेगरी में हैं। चुनाव आयोग इन दोनों समूहों को नोटिस भेजेगा। इन मतदाताओं को जवाब देना होगा ताकि उनका नाम अंतिम वोटर लिस्ट में शामिल हो सके।
चुनाव आयोग का मकसद है कि वोटर लिस्ट पूरी तरह साफ और अपडेटेड हो। इसलिए जिनके नाम में दिक्कत है या जानकारी पूरी नहीं है, उन्हें मौका दिया जा रहा है कि वे जरूरी दस्तावेज देकर अपनी एंट्री पक्की कराएं। एसआईआर के बाद जारी होने वाली फाइनल लिस्ट ही आने वाले चुनावों का आधार बनती है।

