नई दिल्ली स्थित नामित एनडीपीएस न्यायालय-सह-सक्षम प्राधिकारी ने दो नशीले पदार्थों के तस्करों की 1.76 करोड़ रुपये की संपत्ति को जब्त करने की पुष्टि की है। इससे नूरपुर के सीमावर्ती क्षेत्रों में सक्रिय अंतरराज्यीय नशीले पदार्थों के माफिया को करारा झटका लगा है।
जानकारी के अनुसार, नूरपुर पुलिस ने विस्तृत वित्तीय जांच के बाद एनडीपीएस अधिनियम की धारा 68-एफ के तहत एक अंतरराज्यीय ड्रग रैकेट के दो सदस्यों की चल और अचल संपत्तियों को जब्त कर लिया था। संपत्तियों को जब्त करने का आदेश कुछ महीने पहले नामित न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था, जिसकी अब पुष्टि हो चुकी है।
नूरपुर पुलिस स्टेशन की एक टीम ने पिछले साल 7 मार्च को पंजाब के अमृतसर जिले के निवासी अमित कुमार और गुरप्रीत सिंह को बोधिन के पास डिफेंस रोड से गिरफ्तार किया था और उनकी कार से 4.30 किलोग्राम चरस बरामद की थी। उनके खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम की धारा 20, 25 और 29 के तहत मामला दर्ज किया गया था।
जांच के दौरान पुलिस ने चंबा जिले के ब्यास देव को भी गिरफ्तार किया, जो ड्रग्स की आपूर्ति के लिए कूरियर का काम करता था। हालांकि, चंबा जिले के कुथेर गांव निवासी धर्म चंद नामक ड्रग रैकेट का सरगना फिलहाल फरार है और उसे भगोड़ा घोषित कर दिया गया है।
नूरपुर के एसपी कुलभूषण वर्मा ने ट्रिब्यून को बताया कि नूरपुर जिला पुलिस को पहली बार नशीले पदार्थों के तस्करों की चल और अचल संपत्तियों को जब्त करने में सफलता मिली है। उन्होंने बताया कि 16 लाख रुपये नकद और नूरपुर में अमित कुमार के दो मंजिला मकान को जब्त कर लिया गया है और एनडीपीएस अदालत ने संपत्ति फ्रीज करने के आदेश की पुष्टि कर दी है।
उन्होंने कहा, “एनडीपीएस अदालत ने ड्रग रैकेट के सरगना धर्म चंद से संबंधित 1 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के बैंक एफडीआर, दो वाहन और एक निजी स्कूल की इमारत को फ्रीज करने की पुष्टि भी कर दी है।” उन्होंने आगे कहा कि वित्तीय जांच से पता चला है कि सभी फ्रीज की गई संपत्तियां तस्करी से प्राप्त धन से अर्जित की गई थीं।
एसपी ने कहा कि तीन साल में नूरपुर पुलिस ने विभिन्न ड्रग तस्करों से संबंधित 26.45 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त कर ली है और भविष्य में भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।

