साल के पहले दिन उज्जैन के महाकाल मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ देखी जा रही है। सुबह से ही भक्त बाबा महाकाल के दर्शन करने के लिए कोहरे में लंबी कतारों में इंतजार कर रहे हैं। नए साल के पहले दिन बाबा के विशेष शृंगार किए गए हैं, जिन्हें उज्जैन के राजा के रूप में सजाया गया है। साल के पहले दिन इतने अद्भुत दर्शन पाकर भक्त निहाल हो गए हैं और पूरा मंदिर परिसर हर-हर महादेव के जयकारों से गूंज रहा है।
नववर्ष के पहले दिन महाकाल मंदिर में पंचामृत पूजन के बाद महाकाल का राजा स्वरूप शृंगार किया गया है, जिसमें उनके मस्तक पर चांद, सूरज और त्रिशूल को अंकित किया गया है। पंचामृत पूजन में जल, फल, दूध, दही और घी से बाबा को स्नान कराया जाता है और फिर शृंगार होता है। आज यानी गुरुवार के दिन बाबा के दर्शन बेहद अद्भुत और दुर्लभ हैं, जहां बाबा के माथे पर चांद और सूरज दोनों को एक साथ अंकित किया गया है।
आज रात 11 बजे बाबा महाकाल के कपाट खुले रहेंगे और भक्त पूरे दिन बाबा के दर्शन कर पाएंगे।
खास दिन पर बाबा महाकाल के पुजारी ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि बाबा महाकाल के प्रति लाखों भक्त आस्था रखते हैं और उनके लिए बीतता साल भी बाबा है और आने वाला समय भी बाबा है। इसी क्रम में बाबा महाकाल के दर पर लाखों की भीड़ उनके अद्भुत दर्शन के लिए पहुंची है। पुजारी ने बताया कि भक्त विदेशों से आकर भी दर्शन कर रहे हैं।
वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर में नववर्ष के मौके पर विशेष मंगला आरती हुई और अस्सी घाट पर गंगा आरती के साथ नव वर्ष का स्वागत किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालु एकत्रित हुए। बाबा काशी विश्वनाथ का दूध, दही और घी से अभिषेक किया गया और फिर रुद्राक्ष और फूलों की माला से बाबा काशी विश्वनाथ के शृंगार किए गए। नववर्ष के उपलक्ष्य में काशी विश्वनाथ मंदिर भी देर रात तक खुला रहेगा। चढ़ते सूरज के मंदिर परिसर में भक्तों की भीड़ बढ़ती जा रही है।

