March 17, 2026
National

‘जी राम जी’ का विरोध गलत, 600 योजनाएं और संस्थान एक ही परिवार के नाम पर : शिवराज सिंह चौहान

Opposition to ‘Ji Ram Ji’ is wrong, 600 schemes and institutions are named after one family: Shivraj Singh Chouhan

17 मार्च । केंद्रीय कृषि व ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को राज्यसभा में कहा कि करीब 600 सरकारी योजनाओं, संस्थानों और परियोजनाओं के नाम एक ही परिवार के सदस्यों पर रखे गए हैं, जिनमें जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी प्रमुख हैं।

उन्होंने सदन को बताया कि सैकड़ों योजनाएं, संस्थान, पुरस्कार और सड़कें इनके नामों पर हैं। कई एयरपोर्ट, संग्रहालय, अस्पताल और खेल प्रतियोगिताएं भी इन्हीं के नाम पर रखी गईं।

इस दौरान कांग्रेस के सांसदों ने आपत्ति जताई और कहा कि जो लोग इस देश के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर देते हैं, जो शहीद हो जाते हैं या इस दुनिया में नहीं रहते, वे हमारी महान विभूतियां हैं। ऐसे महान व्यक्तित्वों की स्मृति को सम्मान देने के लिए उनके नाम पर सरकारी योजनाएं, संस्थान और स्थानों का नामकरण किया जाना चाहिए। इस दौरान संसद में योजनाओं के नामकरण को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली।

शिवराज सिंह चौहान ने अपने जवाब में कहा कि दरिद्र नारायण, जनता ही जनार्दन का सिद्धांत पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने दिया था और वर्तमान सरकार उसी विचारधारा पर कार्य कर रही है। उन्होंने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के उस कथन का भी उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि ‘एक देश में दो निशान, दो विधान, दो प्रधान नहीं चलेंगे।’

उन्होंने कहा कि इस संकल्प को मोदी सरकार ने पूरा किया। उन्होंने पूछा कि सुभाषचंद्र बोस, जिन्होंने ‘तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा’ का आह्वान किया, उनके नाम पर कितनी योजनाएं हैं। ‘मैं अपनी झांसी नहीं दूंगी’ कहने वाली झांसी की रानी लक्ष्मीबाई के नाम पर कितनी योजनाएं हैं। राम प्रसाद बिस्मिल, चंद्रशेखर आजाद और भगत सिंह जैसे महान स्वतंत्रता सेनानियों के नाम पर कितनी योजनाएं चलाई गई हैं।

इसके साथ ही उन्होंने देश के प्रथम गृह मंत्री सरदार पटेल का जिक्र किया। उन्होंने पूछा कि सरदार पटेल, जिन्होंने सैकड़ों रियासतों को एकजुट कर आधुनिक भारत का निर्माण किया, उनके नाम पर कितनी योजनाएं हैं। हमारा देश महान विभूतियों से भरा हुआ है। यदि हमें सच में श्रद्धांजलि देनी है, तो हर एक महापुरुष को समान भाव से सम्मान देना होगा। सम्मान किसी एक पार्टी या एक परिवार तक सीमित नहीं होना चाहिए। प्रणाम करना है, तो सभी महापुरुषों को करें, न कि पार्टी और खानदान देखकर।

उन्होंने मनरेगा का नाम बदलकर वीबी जी राम जी करने के विषय पर कहा कि कांग्रेस पार्टी योजनाओं के नाम बदलने को लेकर अनावश्यक विवाद खड़ा कर रही है। पहले भी कई योजनाओं के नाम बदले गए, जैसे काम के बदले अनाज योजना, संपूर्ण ग्रामीण रोजगार योजना, जवाहर रोजगार योजना। बाद में इन्हीं योजनाओं को बदलकर नरेगा और फिर मनरेगा कर दिया गया।

उन्होंने कहा कि यदि नाम बदलना अपमान है, तो सबसे पहले यह अपमान कांग्रेस ने ही किया, जब योजनाओं के नाम बदले गए। जैसे ही मनरेगा के स्थान पर ‘विकसित भारत’ जैसे नाम की बात आई, विपक्ष ने तीव्र विरोध शुरू कर दिया। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि ऐसा माहौल बनाया गया मानो कोई बड़ा संकट या ‘महासंग्राम’ होने वाला हो।

केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि वह यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि देश ने इस योजना को स्वीकार किया है और इसे मनरेगा से बेहतर बताया जा रहा है। पहले कई संसद सदस्यों ने आशंका जताई थी कि सरकार इस योजना को बंद कर देगी, बजट में प्रावधान नहीं होगा और राज्यों के पास धन कहां से आएगा।

कृषि मंत्री ने कहा वह वित्त मंत्री का भी हृदय से धन्यवाद करते हैं कि केंद्रीय बजट में पहली बार 95,692 करोड़ रुपए (केवल केंद्र का हिस्सा) का प्रावधान किया गया है, जो अब तक का सबसे बड़ा प्रावधान है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने इस योजना के लिए राज्यों को पर्याप्त बजटीय प्रावधान किया है।

उन्होंने कहा कि अधिकांश राज्यों ने भी बजट में प्रावधान कर दिया है, लेकिन कांग्रेस शासित कर्नाटक में अब तक ऐसा नहीं किया गया है।

Leave feedback about this

  • Service