January 27, 2026
National

‘हमारी मांग जायज है’, देश के विभिन्न राज्यों में बैंक कर्मचारियों की हड़ताल, जानें कर्मचारियों ने क्या कहा

‘Our demands are justified’, bank employees go on strike in various states of the country, know what the employees said

मंगलवार को देश भर में पब्लिक सेक्टर्स के बैंक कर्मचारी 5-डे वर्क वीक की मांग को लेकर हड़ताल पर हैं, जिससे बैंकों में कामकाज प्रभावित है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) ने इस देशव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है। यह संगठन 9 बैंक यूनियनों का संयुक्त मंच है, जो सरकारी बैंकों के अधिकारियों और कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करता है। यह फैसला 23 जनवरी को मुख्य श्रम आयुक्त के साथ हुई बैठक में कोई समाधान न निकलने के बाद लिया गया।

हड़ताल के कारण नकद जमा और निकासी, चेक क्लियरेंस और बैंक के रोजमर्रा के काम प्रभावित हो सकते हैं। इसमें भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई), पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) और बैंक ऑफ बड़ौदा जैसे बड़े सरकारी बैंक शामिल हैं। हालांकि, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और एक्सिस बैंक जैसे निजी बैंक सामान्य रूप से काम करेंगे, क्योंकि उनके कर्मचारी इस हड़ताल में शामिल नहीं हैं।

इस दौरान यूपी, गुजरात, पटना, रांची, छत्तीसगढ़ समेत देश भर के अलग-अलग राज्यों में बैंक कर्माचारियों ने हड़ताल की। बैंक कर्मचारियों से आईएएनएस ने बात की, जिसमें उन्होंने अपनी मांगों को रखा।

उत्तर प्रदेश के लखनऊ स्थित इंडियन बैंक की कर्मचारी अंशिका सिंह विसेन ने कहा कि पिछले द्विपक्षीय समझौते में यह तय हुआ था कि बैंक कर्मचारियों को 5 दिन की बैंकिंग सुविधा दी जाएगी। सोमवार से शुक्रवार तक काम होगा और शनिवार और रविवार को छुट्टी रहेगी। लेकिन हमने देखा कि इस प्रस्ताव को लागू नहीं किया गया। बाकी सभी बातें मान ली गईं, लेकिन यह 5 दिन की बैंकिंग सुविधा स्वीकार नहीं की गई।

उन्होंने आगे कहा कि हम बाकी के बैंकिंग बॉडीज को देखते हैं, फिर चाहे वह एलआईसी हो, आरबीआई हो या फिर बाकी संगठन हों, राज्य सरकार हो या फिर केंद्र सरकार, सभी जगह शनिवार और रविवार ऑफ होते हैं। उन्होंने कहा कि बैंकिंग सेक्टर में दिन-प्रतिदिन काम का प्रेशर बढ़ता जा रहा है और वर्कलाइफ बैलेंस बिगड़ता जा रहा है।

आगे उन्होंने कहा कि सरकार की कोई भी सोशल वेलफेयर स्कीम हो, वो हर तरह से बैंकिंग पर ही निर्भर है, हम बैंकर्स ही उसे ग्रासरूट पर गांवों, किसानों तक उसे पहुंचाते हैं। तो जब हम सरकार के लिए, देश के लिए इतना योगदान कर रहे हैं तो फिर हमें भी ये सुविधा मिलनी चाहिए, ताकि हम अपने परिवार और वर्क में बैलेंस बना सकें और सही तरह जीवन जी सकें।

इस बीच गुजरात के वडोदरा में भी बैंक कर्मचारियों ने हड़ताल कर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। यूनाइटेड फॉर्म ऑफ बैंक यूनियंस के जॉइंट सेक्रेटरी संजय झा ने कहा कि यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स के आह्वान पर देशव्यापी हड़ताल की गई, जिसमें वडोदरा शहर की राष्ट्रीयकृत बैंकों के कर्मचारी भी शामिल हुए। बैंक कर्मचारियों की प्रमुख मांग सप्ताह में पांच दिन की बैंकिंग व्यवस्था को तत्काल लागू करने की है। इस मांग को लेकर पहले भी सरकार के समक्ष कई बार ज्ञापन सौंपा गया, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकलने से कर्मचारियों ने हड़ताल का रास्ता अपनाया।

इसके अलावा, पटना से पंजाब नेशनल बैंक की रीतिका ने कहा कि आज यहां सैकड़ों बैंक कर्मचारी हड़ताल पर हैं। उन्होंने कहा कि यूएफबीयू के आह्वान पर हम सभी यहां सरकार से बैंकों में भी पांच दिवसीय कार्य दिवस यानी शनिवार को भी अवकाश की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। बैंकों में काम का प्रेशर लगातार बढ़ता जा रहा है, जिससे हमें मानसिक और विभिन्न तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। देश के विभिन्न योजनाओं को धरातल पर उतारने में हम बैंकरों का बड़ा योगदान है। इसलिए 5-डे वर्किंग की मांग जायज है। अगर सरकार हमारी ये मांग नहीं पूरी करती है तो यह प्रदर्शन और उग्र रूप लेगा।

रायपुर में 2,500 बैंकों के 25,000 कर्मचारियों ने पांच दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान अखिल भारतीय पंजाब राष्ट्रीय बैंक के अध्यक्ष मिलिंद मार्ते ने अपनी मांगों को मीडिया के समक्ष रखा।

विरोध प्रदर्शन कर रहे एक कर्मचारी ने कहा, “भारत भर में आठ लाख से अधिक बैंक कर्मचारी आज की हड़ताल में भाग ले रहे हैं। पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह की हमारी मांग 2015 से लंबित है। एलआईसी, राज्य सरकारों और केंद्र सरकार जैसी संस्थाएं पहले से ही पांच दिवसीय कार्य सप्ताह का पालन करती हैं। हमें आश्वासन दिया गया था कि बैंक भी इस प्रणाली को अपनाएंगे, लेकिन अभी तक कुछ भी लागू नहीं किया गया है।”

पश्चिम बंगाल के कूच बिहार में, बैंक कर्मचारियों के संघों ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और अन्य बैंकों के सामने विरोध प्रदर्शन किया और पांच दिवसीय कार्य सप्ताह की अपनी मांग को दोहराया। वहीं विभिन्न राज्यों में हड़ताल के चलते बैंक शाखाओं में नकद जमा, निकासी और अन्य बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहीं, जिससे आम ग्राहकों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।

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