16 मार्च । पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण भारतीय और विदेशी एयरलाइंस ने हजारों उड़ानें रद्द कर दी हैं। यह जानकारी सोमवार को केंद्रीय नागर विमानन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू ने लोकसभा में दी।
संसद के चल रहे बजट सत्र के छठे दिन बोलते हुए मंत्री ने बताया कि भारतीय एयरलाइंस ने 4,335 से ज्यादा उड़ानें रद्द की हैं, जबकि विदेशी एयरलाइंस ने करीब 1,187 उड़ानें रद्द की हैं।
मंत्री ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सरकार और एयरलाइंस की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि जब किसी संघर्ष प्रभावित क्षेत्र का एयरस्पेस बंद हो जाता है, तो वहां उड़ानें संचालित करना संभव नहीं होता।
उन्होंने कहा, “भारतीय एयरलाइंस ने 4,335 उड़ानें और विदेशी एयरलाइंस ने 1,187 तक उड़ानें रद्द की हैं। हमें सबसे पहले सुरक्षा का ध्यान रखना होता है। अगर किसी क्षेत्र का एयरस्पेस बंद है तो वहां उड़ानें चलाने का कोई सवाल ही नहीं है।”
हालांकि पश्चिम एशिया की स्थिति से उड़ानों पर असर पड़ा है, फिर भी इस दौरान काफी संख्या में यात्रियों ने यात्रा की है। मंत्री के अनुसार, तनाव के दौरान भी लगभग 2,19,780 यात्रियों ने हवाई सफर किया।
राममोहन नायडू ने बताया कि भारत का विमानन नियामक ‘डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए)’ और नागर विमानन मंत्रालय प्रभावित क्षेत्रों के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हैं ताकि स्थिति पर नजर रखी जा सके।
उन्होंने कहा कि जब उन क्षेत्रों का एयरस्पेस फिर से खुल जाएगा, तभी उड़ान सेवाएं सामान्य रूप से शुरू हो पाएंगी, क्योंकि अभी कई इलाकों में प्रतिबंध लागू हैं।
इस बीच पिछले सप्ताह नागर विमानन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने बताया था कि भारत में इस समय प्रमुख घरेलू एयरलाइंस में 11,000 से अधिक पायलट काम कर रहे हैं, जिनमें करीब 1,900 महिला पायलट भी शामिल हैं।
उन्होंने 12 मार्च को लोकसभा में लिखित जवाब में बताया था कि भारतीय एयरलाइंस में कुल 11,394 पायलट कार्यरत हैं, जिनमें 1,871 महिला पायलट हैं।


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