पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री और कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने बुधवार को मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) प्रक्रिया को लेकर भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) की आलोचना की। उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग के भीतर ही इस प्रक्रिया को लेकर गंभीर चिंताएं और असहमति रही है।
समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए चिदंबरम ने कहा, “चुनाव आयोग पूरी तरह गलत है। एसआईआर प्रक्रिया पर दोनों चुनाव आयुक्तों ने संदेह जताया है और उन्होंने बताया है कि चुनाव आयुक्तों और मुख्य चुनाव आयुक्त के बीच 14 मुद्दों पर असहमति थी।”
उन्होंने कर्नाटक, महाराष्ट्र और हरियाणा सहित कई राज्यों की एसआईआर प्रक्रिया में कथित त्रुटियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, “कर्नाटक, महाराष्ट्र और हरियाणा में बहुत सारी गलतियां बताई गई हैं। पहले भी कई गलतियां सामने आई हैं। एसआईआर प्रक्रिया में भारी खामियां हैं। अगर इसमें खामियां नहीं थीं, तो चुनाव आयोग को दोबारा बैठक करके प्रक्रिया बदलने की जरूरत क्यों पड़ी? कुछ दिन पहले जो हुआ, उसे पूरी तरह रद्द कर दिया जाना चाहिए।”
गौरतलब है कि एसआईआर प्रक्रिया के कुछ पहलुओं को लेकर तीन सदस्यीय चुनाव आयोग के भीतर मतभेदों की खबरों ने राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने 10 महीने की अवधि में कई मुद्दों पर आपत्तियां जताई थीं।
हालांकि, चुनाव आयोग ने यह दावा किया है कि एसआईआर अभ्यास पर अंतिम निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए थे और इस प्रक्रिया के दौरान उठाई गई टिप्पणियां उसकी विचार-विमर्श प्रक्रिया का हिस्सा थीं।
उधर, बुधवार को ‘इंडिया ब्लॉक’ नई दिल्ली में चुनाव आयोग से जुड़े विवाद पर चर्चा करने और एसआईआर प्रक्रिया पर संयुक्त रणनीति तैयार करने के लिए बैठक करेगा। बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन और जनसभाओं सहित राष्ट्रव्यापी आंदोलन की योजनाओं पर भी विचार किया जाएगा। संसद में उनके खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पर भी चर्चा होने की संभावना है।
यह बैठक कांग्रेस की कार्यकारी समिति की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त कुमार को हटाने की मांग करने और चुनाव आयोग के कामकाज पर चिंता जताने वाले प्रस्ताव को अपनाने के बाद हो रही है।
बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और सोनिया गांधी के कांग्रेस का प्रतिनिधित्व करने की उम्मीद है। ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी, सांसद अभिषेक बनर्जी, कल्याण बनर्जी और डेरेक ओ’ब्रायन के भी शामिल होने की उम्मीद है। वामपंथी दलों के नेताओं के भी इसमें हिस्सा लेने की संभावना है।
झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रमुख हेमंत सोरेन, राजद नेता तेजस्वी यादव, एनसीपी-एसपी की सुप्रिया सुले, नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती भी बैठक में शामिल हो सकती हैं। शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे के वर्चुअली शामिल होने की संभावना है। वहीं, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के बैठक में शामिल होने की उम्मीद नहीं है। इस स्थिति में पार्टी के वरिष्ठ नेता हरेंद्र मलिक पार्टी का प्रतिनिधित्व करेंगे।

