पंजाब में धान की खरीद गुरुवार से शुरू होगी, क्योंकि राज्य में भंडारण स्थान की भारी कमी है। राज्य सरकार ने आगामी सीजन में 180 लाख मीट्रिक टन (एलएमटी) धान की खरीद का लक्ष्य रखा है। हालांकि आधिकारिक खरीद गुरुवार से शुरू हो रही है, लेकिन जल्दी बोई गई धान पिछले 10 दिनों से कई मंडियों में पहुंच रही है। सरकारी एजेंसियां अब 1 अक्टूबर से इस धान की खरीद कर सकती हैं। राजपुरा में कमीशन एजेंट मोहिंदर कृष्ण चंद अरोरा ने बताया कि लगभग 2 लाख बोरी धान आ चुकी है और गुरुवार से खरीद शुरू होने के बाद इसकी खरीद की जाएगी।
यदि मौसम अनुकूल रहा तो चुनाव वाले राज्य में खरीद प्रक्रिया सुचारू रूप से चलने की उम्मीद है। यह मौसम सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (आप) और भाजपा दोनों के लिए राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, जो राज्य में अपनी राजनीतिक पैठ बनाने की कोशिश कर रही है।
आम आदमी पार्टी (आप) सरकार सुचारू खरीद सुनिश्चित करने और पिछले साल की समस्याओं, जिनमें चावल की ढुलाई में देरी भी शामिल है, से बचने के लिए प्रयासरत है। सरकार ने चावल मिल मालिकों के साथ समझौता किया है और नई फसल की खरीद के लिए शर्तों में ढील दी है। यह खरीद का मौसम आम आदमी पार्टी सरकार के मौजूदा कार्यकाल का आखिरी बड़ा फसल खरीद का मौसम भी है, जिसके चलते विपक्षी दलों की ओर से व्यवस्थाओं की गहन जांच की जा रही है।
इस बीच, भाजपा किसानों को यह आश्वासन देकर उन्हें लुभाने की कोशिश कर रही है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद जारी रहेगी। केंद्र ने पंजाब के अनाज भंडारों से पिछले वर्षों के अनाज को अन्य राज्यों में भेजने के लिए और अधिक माल ढुलाई शुरू कर दी है ताकि भंडारण की समस्या को दूर किया जा सके।
पंजाब आढ़तिया संघों के महासंघ के अध्यक्ष विजय कालरा ने कहा कि खरीद शुरू होने से पहले लगभग सभी मुद्दे सुलझ गए थे। उन्होंने कहा, “केवल हमारे कमीशन का मुद्दा अनसुलझा है। परंपरागत रूप से, हमारा कमीशन एमएसपी का 2.5 प्रतिशत था, लेकिन अब इसे खरीदे जाने वाले धान के प्रति क्विंटल 50.74 रुपये तक सीमित कर दिया गया है। इससे आढ़तियों को खरीदे जाने वाले 180 लाख मीट्रिक टन धान पर कमीशन में 200 करोड़ रुपये का नुकसान होगा।”
उन्होंने आगे कहा कि मांग का समाधान न होने के बावजूद, आढ़तिया अनाज खरीदने के लिए तैयार हैं। राज्य भर में 1,886 खरीद केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं, जबकि पंजाब मंडी बोर्ड ने इस सीजन के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। केंद्र ने धान की खरीद के लिए 42,786.68 करोड़ रुपये की नकद ऋण सीमा स्वीकृत की है। लगभग पांच लाख बोरियों का भी इंतजाम कर लिया गया है।
राज्य सरकार ने पड़ोसी राज्यों से धान की आवक रोकने के लिए भी व्यवस्था की है। पंजाब पुलिस और मंडी बोर्ड के संयुक्त अभियान के तहत अंतर-राज्यीय चौकियां स्थापित की जाएंगी।

