N1Live National भारत के खिलाफ हारने की बेइज्जती से बचने के लिए पाकिस्तान ने मैच नहीं खेलने का फैसला किया : देवकीनंदन ठाकुर
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भारत के खिलाफ हारने की बेइज्जती से बचने के लिए पाकिस्तान ने मैच नहीं खेलने का फैसला किया : देवकीनंदन ठाकुर

Pakistan decided not to play the match to avoid the humiliation of losing against India: Devkinandan Thakur

सनातन धर्म से जुड़े कार्यक्रम में कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने पाकिस्तान पर जमकर हल्ला बोला है। उन्होंने भारत के साथ 15 फरवरी को होने वाले मैच में पाकिस्तान के न खेलने के फैसले पर तंज कसा। इसके अलावा, उन्होंने बच्चों पर पड़ रहे सोशल मीडिया के नकारात्मक प्रभाव को लेकर भी बात की।

पाकिस्तान द्वारा भारत के खिलाफ 15 फरवरी को होने वाले मैच के बॉयकॉट के सवाल पर देवकीनंदन ठाकुर ने कहा, “ये बहुत खुशी की बात है, और मुझे लगता है कि पाकिस्तान बहुत समझदार है क्योंकि उसे पता है कि अगर वो हमारी टीम के खिलाफ मैच में उतरा तो हार जाएगा। मैदान में ईशान किशन, हार्दिक पांड्या और अभिषेक शर्मा जैसे खिलाड़ी पूरे जोश में हैं। भारत से जीतना उनके बस की बात नहीं है। ऐसे में अपनी बेइज्जती से बचने के लिए उन्होंने सही रास्ता अपनाया है, बहुत समझदारी वाला फैसला लिया है।”

6 साल की बच्ची के साथ दिल्ली में हुई दुष्कर्म की घटना पर कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने कहा, “6 साल की बच्ची के साथ गलत काम किया गया और ये सब करने वाले भी नाबालिग थे। कोई 10 साल का है, कोई 12, तो कोई 14 साल का है। अब लोग कह रहे हैं कि उन्हें सजा मत दो, सुधारो, लेकिन मेरा कहना है कि इसकी जड़ पर वार करो। इसकी जड़ है सोशल मीडिया। सोशल मीडिया पर कुछ भी आपत्तिजनक पोस्ट किया जा रहा है और कोई लगाम लगाने वाला नहीं है। आपत्तिजनक पोस्ट की वजह से समाज में ये गंदगी फैल रही है और छोटी बच्चियां इसका शिकार हो रही हैं। मेरा सभी से निवेदन है कि सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक कंटेंट के लिए एक मुहिम चलाने की जरूरत है क्योंकि अब बात हमारी बच्चियों पर आ गई है।”

उन्होंने आगे कहा, “अगर फिल्मों पर सेंसर बोर्ड है तो सोशल मीडिया पर क्यों नहीं? 10 साल के बच्चे को क्या पता है, जो सोशल मीडिया पर देख रहा है, वहीं सीख रहा है।”

महाकुंभ से एक्टिंग छोड़ सनातन धर्म को अपनाने वाली इशिका तनेजा को लेकर कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने कहा, “इशिका तनेका खुद पहले बॉलीवुड से आती थीं, लेकिन बॉलीवुड को छोड़कर काफी समय से धर्म की राह पर चल रही हैं। यह लक्ष्मी फाउंडेशन के तहत युवाओं को अध्यात्म का ज्ञान करा रही हैं, जिससे युवा सनातन धर्म और मां लक्ष्मी के अनेकों रूपों के बारे में जान सकें।”

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