टी-20 विश्व कप में भारत के साथ मैच खेलने से पाकिस्तान के इनकार करने पर एआईएमआईएम के नेता वारिस पठान ने कहा कि पाकिस्तान की हैसियत नहीं है कि वे भारत के साथ मैच खेलने से इनकार कर दें। भारत को कहना चाहिए कि वे पाकिस्तान के साथ क्रिकेट मैच नहीं खेलेगा।
मुंबई में आईएएनएस से बातचीत में एआईएमआईएम के नेता वारिस पठान ने पहलगाम का जिक्र करते हुए कहा कि ये आतंकवादी आए और धर्म के नाम पर हमारे बेगुनाह, निहत्थे पर्यटकों को मार डाला। उनकी पत्नियों और बच्चों के सामने नरसंहार किया। भारत ने ऑपरेशन सिंदूर चलाया और वहां के आतंकवादी कैंपों को पूरी तरह खत्म कर दिया। इसके बावजूद भारत ने पाकिस्तान के साथ मैच खेला। मैंने उसी समय कहा था कि हमें नहीं खेलना चाहिए था। पाकिस्तान कौन होता है यह तय करने वाला कि वे खेलेंगे या नहीं खेलेंगे? उसकी क्या हैसियत है। भारत को साफ-साफ कह देना चाहिए था कि हम पाकिस्तान के साथ नहीं खेलना चाहते।
वारिस पठान ने कहा कि जब ऑपरेशन सिंदूर हुआ, हमारे देश के नेताओं ने पाकिस्तान की आतंकी सोच को पूरे विश्व में बेनकाब कर दिया। सारे रिश्ते तोड़ लिए, किसी भी तरह की बातचीत पर विराम लगा दिया। फिर भारत ने पाकिस्तान के साथ मैच क्यों खेला था? भारत को कहना चाहिए था कि हम मैच नहीं खेलेंगे।
उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में जो हिंदुओं के साथ हुआ, हमने उसका विरोध जताया। किसी को कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। भारत को भी इसमें कदम उठाना चाहिए।
आम बजट पर वारिस पठान ने कहा कि महाराष्ट्र को देश का आर्थिक इंजन कहा जाता है। मुझे बताइए, महाराष्ट्र को क्या दिया गया है? अगर आप पूरे बजट का ठीक से विश्लेषण करें, तो मीडिया रिपोर्ट्स भी यही बता रही हैं कि जनता खुश नहीं है। मिडिल क्लास नाखुश है, कम आय वाले वर्ग भी नाखुश हैं। दक्षिणी राज्यों को ज्यादा बजट दिया गया है। लगता तो यही है कि यह सब चुनावों को देखकर किया गया है। सरकार को फोकस करना चाहिए बेरोजगारी खत्म करने पर, महंगाई कम करने पर और आए दिन होने वाली मॉब लिंचिंग को रोकने पर।
एआर रहमान पर मंत्री नितेश राणे के बयान पर वारिस पठान ने कहा कि नितेश राणे को कोई काम नहीं है। मुसलमानों के खिलाफ विवादित टिप्पणी कर मंत्री बन गए हैं। आए दिन ऐसी बातें करते हैं। मुझे उनके बयानों पर जवाब देने की जरूरत नहीं है। वे सिर्फ मीडिया की सुर्खियों में बने रहने के लिए ऐसा करते हैं। वे किसी को भी कुछ भी कह देते हैं। वे संविधान को नहीं मानते।
शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत के बयान पर वारिस पठान ने कहा कि संजय राउत जो आरोप लगा रहे हैं, वे किस तथ्य पर बोल रहे हैं, यह भी उन्हें बताना चाहिए। अजित दादा की मौत किस तरह हुई, क्या वजह थी, सरकार को इसकी जांच करनी चाहिए। जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक करना चाहिए। सारा खुलासा हो जाएगा और जनता को सब पता चल जाएगा।

