January 12, 2026
National

13 जनवरी का पंचांग : माघ कृष्ण की दशमी तिथि, नोट कर लें शुभ मुहूर्त और राहुकाल

Panchang of January 13: Dashami date of Magha Krishna, note the auspicious time and Rahukaal

सनातन धर्म में पंचांग का अत्यंत महत्व है। पांच अंगों- तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण के आधार पर ही विवाह, पूजन, व्रत, मुहूर्त आदि कार्य निर्धारित होते हैं। पंचांग देखकर किया गया कार्य सफलता और फलदायी बनता है, जबकि बिना देखे किया कार्य फलहीन हो सकता है।

दृक पंचांग के अनुसार 13 जनवरी को कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि शाम 3 बजकर 17 मिनट तक रहेगी, जिसके बाद एकादशी शुरू होगी। विशाखा नक्षत्र 14 जनवरी की रात 12 बजकर 6 मिनट तक प्रभावी रहेगा। चंद्रमा तुला राशि में शाम 5 बजकर 21 मिनट तक संचरण करेंगे, उसके बाद वृश्चिक राशि में प्रवेश करेंगे। वहीं, सूर्योदय सुबह 7 बजकर 15 मिनट पर और सूर्यास्त शाम 5 बजकर 45 मिनट पर होगा। चंद्रोदय की बात करें तो यह सुबह 3 बजकर 30 मिनट पर और चंद्रास्त दोपहर 1 बजकर 10 मिनट पर रहेगा।

किसी भी कार्य को शुरू करने से पहले राहुकाल का समय जरूर नोट कर लें। यह दोपहर 3 बजकर 7 मिनट से 4 बजकर 26 मिनट तक रहेगा, इस दौरान कोई भी शुभ कार्य शुरू नहीं करना चाहिए। वहीं, शूल योग शाम 7 बजकर 5 मिनट तक और करण विष्टि शाम 3 बजकर 17 मिनट तक रहेगा। 13 जनवरी को मंगलवार का दिन हिंदू पंचांग के अनुसार देवी भगवती और श्री राम के परम भक्त हनुमान के पूजन के लिए अत्यंत शुभ माना गया है। इस दिन मंगल ग्रह की पूजा और शांति करने से जीवन में साहस, ऊर्जा, सुरक्षा और बाधाओं से मुक्ति मिलती है।

इस दिन पूजा की सरल विधि अपनाकर विशेष लाभ प्राप्त किया जा सकता है। सुबह स्नान के बाद पूर्व या उत्तर दिशा में बैठकर लाल या केसरिया वस्त्र धारण करें। हनुमान जी को लाल चंदन, लाल फूल, सिंदूर से पूजन के बाद गुड़-चने के साथ मोदक, पान, लौंग का भोग लगाएं और दीप जलाकर प्रार्थना करें।

श्री राम भक्त को रामनाम अति प्रिय है, ऐसे में रामनाम की माला चढ़ाएं और हनुमान चालीसा का 7 या 11 बार पाठ करें। सुंदरकांड का पाठ करें। देवी भगवती के लिए लाल चुनरी, लाल फूल और मिठाई का भोग लगाएं। माता को पान चढ़ाना लाभदायी होता है। वहीं, मंगल ग्रह की शांति के लिए ओम अं अंगारकाय नमः, भौम भौमाय नम: मंत्र का कम से कम 108 बार जप करें। ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार, मंगलवार को नियमित रूप से इस प्रकार पूजन करने से मंगल दोष का प्रभाव कम होता है, साथ ही मानसिक तनाव, शत्रु भय और आर्थिक कठिनाइयों से राहत मिलती है।

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