पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ अभियान पर बड़ा सवाल उठाया है। उन्होंने तीखे शब्दों में पूछा कि देश में आखिर कौन है जो संविधान को नहीं मान रहा है? जो सरकारें और राजनीतिक दल लोकतंत्र और कानून-व्यवस्था की दुहाई देते हैं, उन्हें सबसे पहले महिलाओं की सुरक्षा और आम नागरिकों के मौलिक अधिकारों पर अपनी जवाबदेही तय करनी चाहिए।
देवघर स्थित प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ मंदिर में गुरुवार को पूजा-अर्चना और जलाभिषेक करने के बाद मीडिया से मुखातिब हुए सांसद ने केंद्र और बिहार सरकार की कार्यप्रणाली पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने मणिपुर की मौजूदा स्थिति और देश के विभिन्न हिस्सों में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों का हवाला देते हुए केंद्र सरकार को घेरा। केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि बेलगाम महंगाई और बढ़ती बेरोजगारी ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है। रसोई गैस, पेट्रोल और डीजल की आसमान छूती कीमतों ने गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों का बजट पूरी तरह बिगाड़ दिया है।
इसके अलावा, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की लगातार गिरती कीमत का जिक्र करते हुए उन्होंने दावा किया कि आर्थिक मोर्चे पर देश की स्थिति कमजोर हुई है। पप्पू यादव ने केंद्र की विदेश नीति पर भी सवाल खड़े किए। बांग्लादेश और नेपाल समेत पड़ोसी देशों के राजनीतिक घटनाक्रमों का हवाला देते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि कमजोर और अदूरदर्शी विदेश नीति के कारण क्षेत्रीय स्तर पर भारत की रणनीतिक स्थिति प्रभावित हो रही है।
बिहार के राजनीतिक हालात पर बात करते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि बिहार में महिलाएं, व्यवसायी और आम लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। राज्य लंबे समय से गरीबी, जातिगत भेदभाव और नफरत की राजनीति के कारण पिछड़ रहा है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि आज भी बड़े पैमाने पर हो रहा पलायन बिहार की सबसे बड़ी विफलता है और सरकार को जुमलों से बाहर निकलकर जनता को वास्तविक राहत देनी होगी। देवघर दौरे के दौरान अपनी आस्था जाहिर करते हुए सांसद ने कहा कि भगवान शिव संपूर्ण ब्रह्मांड के आराध्य हैं। बाबा के दरबार में जाति, धर्म, ऊंच-नीच और अमीर-गरीब का कोई भेद नहीं होता और हर श्रद्धालु समान भाव से अपनी झोली फैलाता है।

