January 5, 2026
Entertainment

‘बॉलीवुड के लोग खुद को भगवान समझते हैं,’ बांग्लादेशी खिलाड़ी को खरीदने के मामले पर भड़के अनिरुद्धाचार्य महाराज

“People in Bollywood think they’re gods,” Aniruddhacharya Maharaj fumes over the purchase of a Bangladeshi player.

बॉलीवुड के किंग खान यानी शाहरुख खान की टीम कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) द्वारा बांग्लादेशी खिलाड़ी मुस्तफिजुर रहमान को 9 करोड़ में खरीदने के बाद बवाल तेज हो गया। विरोध प्रदर्शन के बाद बीसीसीआई ने केकेआर को बांग्लादेशी खिलाड़ी को टीम से बाहर करने का निर्देश दिया है। वहीं, अब इस मामले पर वृंदावन के कथावाचक अनिरुद्धाचार्य महाराज ने अपना विरोध दर्ज कराया है और पूरे बॉलीवुड पर निशाना साधा है।

बॉलीवुड को लेकर कथावाचक अनिरुद्धाचार्य महाराज ने कहा, “बॉलीवुड के लोग खुद को भगवान समझते हैं। उन्हें लगता है कि वे जो भी करें, कोई उन्हें नुकसान नहीं पहुंचा सकता क्योंकि बॉलीवुड बहुत ताकतवर है। उनके पास पैसों की कोई कमी नहीं है, इसलिए उनमें घमंड भरा है कि कोई उन्हें छू नहीं सकता। वे खुलेआम गुटखा और शराब का प्रचार करते हैं। वे समाज को अनैतिकता की शिक्षा देते हैं। वे सिगरेट, गुटखा और जुए को बढ़ावा देते हैं। क्या सच में कोई उन्हें रोक पाया है? किसने उन्हें नुकसान पहुंचाया है? बॉलीवुड का मतलब है ताकत। वे खुद में ही ताकतवर लोग हैं। आप और मेरे जैसे आम लोग क्या कर सकते हैं?

बीसीसीआई द्वारा केकेआर को बांग्लादेशी खिलाड़ी मुस्तफिजुर रहमान को टीम से बाहर करने के निर्देश पर कथावाचक अनिरुद्धाचार्य महाराज ने कहा, “हम यहां कहते हैं, ‘सह खेलती, खड़ी सखा।’ जो आपके साथ खेलता है, आपके साथ खाता है, वही मित्र है। हमारा मित्र कौन है? जो हमारे हिंदुओं को जलाता है, जो हमारे सनातनियों को दिनदहाड़े जिंदा मारता है।

उन्होंने आगे कहा कि आज ही मैंने एक घटना सुनी कि एक बच्चे को पीट-पीटकर मार डाला गया। जो हमारे हिंदुओं से इतनी नफरत करते हैं, जो हमारे सनातनियों से इतनी नफरत करते हैं, हम उनके साथ क्रिकेट क्यों खेलें? जो खरीददारी कर रहे हैं, उनसे सवाल होना चाहिए। आप 9 करोड़ में खरीददारी कर रहे हैं? ठीक है, आपके पास पैसा है, लेकिन क्या आप उन्हें यह नहीं समझा सकते कि हम भारत के लोग हैं, भारत के लोगों ने ही हमें हमारा नाम दिया है? आप भारत के हिंदुओं को जिंदा जला रहे हैं। भारत से पैसा कमाकर, आप उन लोगों को पैसा भेज रहे हैं जो हिंदुओं से घोर नफरत करते हैं।

कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने आगे कहा कि फिल्म उद्योग की भूमिका क्या है? वे भारत की जनता को अपनी फिल्में बेचकर पैसा कमाते हैं और फिर उस धन को अन्यत्र बांट देते हैं। भारत की जनता ही उन्हें सुपर-डुपर स्टार बनाती है, जबकि उनका दिल बांग्लादेशियों के लिए धड़कता है। क्या यह हमारे साथ धोखा नहीं है? यह छल है। आपने हिंदुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ किया है और उनके भरोसे को तोड़ा है। इसे विश्वासघात कहते हैं।

Leave feedback about this

  • Service