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बिना पंजीकरण यमुनोत्री-गंगोत्री धाम न आएं तीर्थयात्री : मीनाक्षी सुंदरम

Pilgrims should not come to Yamunotri-Gangotri Dham without registration: Meenakshi Sundaram

उत्तरकाशी, 16 मई । उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सचिव मीनाक्षी सुंदरम ने बुधवार को उत्तरकाशी में यमुनोत्री और गंगोत्री धाम की यात्रा व्यवस्थाओं की समीक्षा बैठक ली। इस दौरान यात्रा व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम ने पुलिस-प्रशासन को कई दिशा-निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि बिना पंजीकरण यात्रा करने आए श्रद्धालुयों के साथ सख्ती से निपटा जाए, उन्हें चेकिंग बैरियर से वापस भेजें। उन्होंने यमुनोत्री धाम में बिना पंजीकरण के डंडी-कंडी, घोड़ा-खच्चरों के संचालन पर भी प्रभावी रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। यमुनोत्री और गंगोत्री धाम में रिकॉर्ड तीर्थयात्रियों के पहुंचने से उत्पन्न स्थिति पर मीनाक्षी सुंदरम और सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी बुधवार को उत्तरकाशी पहुंचे। यहां आईटीबीपी मातली के सभाकक्ष में जिले के अधिकारियों की बैठक लेते हुए सचिव ने कहा कि रिकॉर्ड यात्रियों के पहुंचने से यात्रा मार्गों पर जाम और दबाव बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि बगैर पंजीकरण के किसी को भी धाम में नहीं जाने दिया जाए। इसके लिए बैरियर पर सख्ती से जांच-पड़ताल कर ऐसे यात्रियों और वाहनों को सीधे वापस भेजें। इसके अलावा पंजीकरण तिथि से पहले और बाद में भी कराए गए पंजीकरण को कतई स्वीकार न करें। उन्होंने निर्देश दिए कि यात्रा कंट्रोल रूम, आपदा प्रबंधन कंट्रोल रूम और पुलिस कंट्रोल रूम के फोन नम्बरों का ज्यादा से ज्यादा प्रचार प्रसार करें।

उन्होंने यात्रा रूट पर सुरक्षित और अतिरिक्त पार्किंग स्थल विकसित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर सड़क संकरी है, वहां 42 सीटर और बड़ी बसों को पहले रोक दें, ताकि जाम की स्थिति पैदा न हो। जिलाधिकारी डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट ने कहा कि यमुनोत्री धाम में हर दिन 10 हजार से ज्यादा यात्री पहुंच रहे हैं। इसी तरह गंगोत्री धाम में 12 हजार से अधिक यात्री आ रहे हैं। दोनों धामों में क्षमता से अधिक यात्री आ रहे हैं।

जिलाधिकारी ने सुझाव दिया कि यमुनोत्री और गंगोत्री की धारण क्षमता और सड़कों की स्थिति के अनुसार, अगर यात्रियों की संख्या निर्धारित की गई तो स्थिति सामान्य हो जाएगी। इससे न तो जाम लगेगा और न ही अन्य व्यवस्थाओं में समस्या होगी। यात्रियों की सुविधा के लिए प्रशासन की ओर से भोजन, पानी की व्यवस्था और मेडिकल शिविरों की जानकारी दी गई।

बैठक के बाद मीनाक्षी सुंदरम ने जिलाधिकारी डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट तथा पुलिस अधीक्षक अर्पण यदुवंशी और मुख्य विकास अधिकारी जयकिशन के साथ हर्षिल, धराली, भैरव घाटी और गंगोत्री धाम में यात्रा व्यवस्था की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने तीर्थयात्रियों से भी बातचीत कर फीडबैक लिया।

सचिव ने श्री पांच गंगोत्री मंदिर समिति के पदाधिकारियों से मुलाकात कर मंदिर समिति को तीर्थयात्रियों की व्यवस्था एवं अन्य समस्याओं पर बातचीत की। इस दौरान मंदिर समिति से भी रिकॉर्ड यात्रियों के आने पर सहयोग की अपेक्षा की गई। मंदिर समिति के अध्यक्ष हरीश सेमवाल ने प्रमुख सचिव को भरोसा दिया कि वह यात्रा व्यवस्था में पूरा सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि धाम में सभी व्यवस्थाएं ठीक हैं, लेकिन संकरे मार्ग का चौड़ीकरण, प्रमुख पड़ावों पर पार्किंग स्थल बनाकिने का सुझाव दिया, ताकि वाहनों का दवाव बढ़ने पर सुरक्षित पार्किंग कराई जाए।

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