प्लास्टिक कचरा जलाने पर बैन होने के बावजूद, बहादुरगढ़ इलाके में यह गैर-कानूनी काम जारी है, जिसके कारण हरियाणा स्टेट पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (HSPCB) ने नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्ती बढ़ा दी है। बोर्ड के रीजनल ऑफिस ने प्लास्टिक कचरा और स्क्रैप जलाने वालों के खिलाफ एक खास ड्राइव शुरू की है। हाल ही में, मांडोठी गांव में खेतों में ऐसा सामान जलाने के आरोप में चार लोगों पर केस दर्ज किया गया, जिससे एयर पॉल्यूशन हो रहा है और सेहत के लिए खतरा पैदा हो रहा है।
यह घटना तब सामने आई जब HSPCB अधिकारियों ने पेट्रोलिंग कर रहे पुलिसवालों को दिल्ली-रोहतक हाईवे से करीब 1 km दूर मांडोठी के खेतों में प्लास्टिक और दूसरा कचरा जलाए जाने की जानकारी दी। पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची और दिल्ली और हरियाणा के रजिस्ट्रेशन नंबर वाली दो गाड़ियों के पास चार लोगों को पाया। लोहे के ड्रम और मेटल के कंटेनर में प्लास्टिक का कबाड़ जलाया जा रहा था, जिससे घना धुआं निकल रहा था।
एक अधिकारी ने कहा, “आग बुझाने के लिए एक फायर टेंडर को बुलाया गया। सामान ठंडा होने के बाद, पुलिस ने 133 लोहे की चादरें, 266 ड्रम के ऊपरी और निचले हिस्से, 151 छोटे और बड़े खाली लोहे के ड्रम, जला हुआ प्लास्टिक और रबर का स्क्रैप, PVC वायर केसिंग की सात बोरियां और टूटा हुआ प्लास्टिक, इसके अलावा इस काम में इस्तेमाल होने वाला दूसरा सामान और औजार भी ज़ब्त किए।”
ज़िला प्रशासन ने पहले ही प्लास्टिक कचरा और स्क्रैप जलाने पर रोक लगाने के आदेश जारी कर दिए हैं। आरोप है कि आरोपियों ने पैसे कमाने के लिए इन निर्देशों का उल्लंघन किया। पुलिस ने उत्तर प्रदेश के रोहतक के भूपेश उर्फ भोला, शाहजहांपुर के नन्हे, अंबेडकर नगर के अंकित और बुलंदशहर के वसीम के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 223(a) और 280 और पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 की धारा 15 के तहत मामला दर्ज किया है।
सुनील श्योराण, रीजनल ऑफिसर, HSPCB, बहादुरगढ़ ने कहा कि जिले में प्लास्टिक कचरा जलाना पूरी तरह से मना है और नियम तोड़ने वालों पर कानून के तहत कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा, “हम प्लास्टिक जलाने से रोकने और इलाके को प्रदूषण-मुक्त रखने के लिए नियमों का पालन पक्का करने के लिए लगातार सेंसिटिव इलाकों का इंस्पेक्शन कर रहे हैं।”

