जदयू नेता राजीव रंजन ने गुरुवार को जी7 में पीएम मोदी की तारीफ और यूपी के राजनीतिक दावों समेत कई मुद्दों पर प्रतिक्रिया दी है।
आईएएनएस से बातचीत में राजीव रंजन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के व्यक्तित्व का गुण डोनाल्ड ट्रंप सहित दुनिया के अनेक मुल्कों के महत्वपूर्ण राजनेताओं को बराबर रास आया है। प्रधानमंत्री एक फौलादी इरादे के साथ अपने राह पर चलने के लिए जाने जाते हैं। उनको संतुलन बनाना भी पता है और मुश्किल परिस्थितियों का सामना करने की रणनीति बनाना भी आता है। यही वजह है कि ट्रंप की ओर से पीएम मोदी को लेकर महत्वपूर्ण टिप्पणी की गई है।
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य के दावे पर राजीव रंजन ने कहा कि हाल ही में टीएमसी में जो कुछ भी हुआ, उसके पहले आम आदमी पार्टी और शिवसेना (यूबीटी) भी टूट चुकी है। सपा और आप जैसी पार्टियों की कार्य पद्धति को लेकर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। समाजवादी पार्टी में भी आंतरिक लोकतंत्र नहीं है। अखिलेश यादव का पार्टी के नेताओं के साथ कनेक्ट बहुत अच्छा नहीं है। ऐसी स्थिति में उथल-पुथल का सामना सपा को करना पड़े तो काफी अश्चर्यजनक नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि चाहे आम आदमी पार्टी, झारखंड मुक्ति मोर्चा, शिवसेना (यूबीटी) और सपा जैसी पार्टियों का जिस तरह का ढ़ांचा है, फैसले लेने का जो इकलौता तौर तरीका है, उसकी वजह से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। उससे जेएमएम में भी टूट हो सकती है।
जी7 बैठक को लेकर उन्होंने कहा कि जिस तरह से पीएम मोदी की ओर से ग्लोबल साउथ की बात की गई, दुनिया के सभी देशों को बराबरी की बुनियाद पर एक साथ रणनीतिक व्यापारिक साझेदारियां और सबको विश्वास में लेने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि बहुत ही संयमित तरीके से पीएम मोदी की तरफ से सवाल खड़े किए गए। उन्होंने सबको भरोसे में लेकर आगे बढ़ने की बात की।
टेलीग्राम और नीट-यूजी मामले पर राजीव रंजन ने कहा कि टेलीग्राम के पास न्यायिक विकल्प है; वे उन विकल्पों को अपना सकते हैं। लेकिन हाल के दिनों में जिस तरह से कदाचार की शिकायतें आईं, उसके बाद केंद्र सरकार की ओर से जो कदम उठाए गए हैं, उसमें टेलीग्राम पर रोक लगाए जाने का निर्णय भी शामिल है।

