August 29, 2025
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प्रधानमंत्री मोदी ने भारत-जापान द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ाने के लिए 5-पॉइंट रोडमैप किया पेश

PM Modi presents 5-point roadmap to enhance India-Japan bilateral cooperation

 

टोक्यो, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को टोक्यो में जापान के प्रधानमंत्री शिगेरु इशिबा के साथ भारत-जापान आर्थिक मंच में भाग लिया। शीर्ष उद्योग जगत के नेताओं को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री मोदी ने दोनों देशों के बीच मजबूत आर्थिक साझेदारी पर प्रकाश डाला और द्विपक्षीय सहयोग को गहरा करने के लिए पांच-पॉइंट रोडमैप पेश किया।

 

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा अभी भारत-जापान बिजनेस फोरम की रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। इसमें कंपनियों के बीच हुई बिजनेस डील का विस्तार से वर्णन दिया गया है। इस प्रगति के लिए मैं आप सभी का बहुत-बहुत अभिनंदन करता हूं।

उन्होंने कहा, “हमारी साझेदारी के लिए मैं भी कुछ सुझाव नम्रतापूर्वक आपके सामने रखना चाहता हूं।”

उन्होंने दोनों देशों के बीच साझेदारी के लिए पांच-पॉइंट रोडमैप में मैन्युफैक्चरिंग, टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन, ग्रीन एनर्जी ट्रांजिशन, नेक्स्ट जेन इंफ्रास्ट्रक्चर और स्किल डेवलपमेंट को अहम बताया।

पीएम मोदी ने मैन्युफैक्चरिंग को लेकर कहा, “ऑटो सेक्टर में हमारी भागीदारी बेहद सफल रही है। हम साथ मिलकर बैटरी, रोबोटिक्स, सेमीकंडक्टर, शिपबिल्डिंग और न्यूक्लियर एनर्जी में भी मैजिक को दोहरा सकते हैं। साथ मिलकर हम ग्लोबल साउथ विशेष कर अफ्रिका के विकास में अहम योगदान दे सकते हैं।”

उन्होंने बिजनेस लीडर्स से मेक इन इंडिया और मेक फॉर द वर्ल्ड का आग्रह किया।

टेक्नोलॉजी और इनोवेशन को लेकर पीएम मोदी ने कहा, “जापान टेक पावरहाउस और भारत एक टैलेंट पावरहाउस है। भारत ने एआई, सेमीकंडक्टर, क्वांटम कंप्यूटिंग, बायोटेक और स्पेस में कई बोल्ड और बेहतरीन पहलें की हैं। जापान की टेक्नोलॉजी और भारत का टैलेंट मिलकर इस सदी की टेक क्रांति का नेतृत्व कर सकते हैं।”

उन्होंने ग्रीन एनर्जी ट्रांजिशन को लेकर कहा कि भारत तेजी से 2030 तक 500 गीगावाट रिन्यूएबल एनर्जी के लक्ष्य की ओर अग्रसर है। हमने 2047 तक 100 गीगावाट न्यूक्लियर पावर का भी लक्ष्य रखा है।

उन्होंने जोर देकर कहा, “सोलर सेल्स हो या ग्रीन हाइड्रोजन साझेदारी की अपार संभावनाएं हैं। भारत और जापान के बीच जॉइंट क्रेडिट मैकेनिज्म पर समझौता हुआ है। इसका लाभ उठाकर क्लीन और ग्रीन फ्यूचर के निर्माण में सहयोग किया जा सकता है।”

उन्होंने नेक्स्ट जेन इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर कहा कि पिछले 1 दशक में भारत ने नेक्स्ट जनरेशन मोबिलिटी और लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर में अभूतपूर्व प्रगति की है। 1000 किलोमीटर लंबी मेट्रो लाइन बनी हैं। जापान के इस सहयोग और मुंबई और अहमदाबाद हाई स्पीड रेल पर काम चल रहा है लेकिन हमारी यात्रा यहीं नहीं रुकती।

स्किल डेवलपमेंट लेकर पीएम मोदी ने कहा कि भारत का स्किल्ड युवा टैलेंट वैश्विक जरूरतें पूरी करने की क्षमता रखता है। इसका लाभ जापान भी उठा सकता है।

उन्होंने सभा से भारतीय टैलेंट को जापानी भाषा और सॉफ्ट स्किल में ट्रेनिंग देकर एक जापान -रेडी वर्कफोर्स तैयार करने का आग्रह किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने जापानी व्यवसायों का आह्वान करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच साझेदारी रणनीतिक और स्मार्ट है। मिलकर हम स्थिरता, विकास और समृद्धि के लिए आसियान सदी को आकार देंगे।

 

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