March 25, 2026
National

‘पीएम मोदी को करनी चाहिए थी मध्यस्थता, विश्व लीडर्स उनसे परिचित’, मिडिल ईस्ट की स्थिति पर बोले रामगोपाल यादव

‘PM Modi should have mediated, world leaders are familiar with him’, Ram Gopal Yadav said on the situation in the Middle East.

25 मार्च । समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद रामगोपाल यादव ने कहा है कि पश्चिमी एशिया में संघर्ष के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मध्यस्थता करनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। प्रधानमंत्री मोदी सारे नेताओं से परिचित हैं।

ईरान-इजरायल युद्ध में पाकिस्तान की ओर से मध्यस्थता के सवालों पर रामगोपाल यादव ने कहा, “पाकिस्तान, मिस्र और तुर्किए तीन देश मध्यस्थता कर रहे हैं। यह मध्यस्थता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत को करनी चाहिए थी। भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। प्रधानमंत्री मोदी सारे नेताओं से परिचित हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “बहुत सारे देशों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना सबसे बड़ा राष्ट्रीय सम्मान भी दिया। इसलिए प्रधानमंत्री मोदी की बात को माना जा सकता है, लेकिन देखना होगा कि उनकी डोनाल्ड ट्रंप के साथ क्या बातचीत हुई। संसद और देश को उन्हें इस बारे में बताना चाहिए।”

रामगोपाल यादव ने भारत की विदेश नीति पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की ओर से उठाए गए सवालों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “विदेश नीति जो है, वो मूल रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में होता है कि हमारे किस देश से कैसे संबंध रहेंगे ये प्रधानमंत्री ही निर्णय लेते हैं। जवाहरलाल नेहरू जी से लेकर हमेशा यही हुआ है। हमारी गुटनिरपेक्ष नीति थी, उसके निर्माता नेहरू जी थे। अब वह उससे हट रहे हैं तो उससे हटने वाले प्रधानमंत्री मोदी हैं।”

केंद्र सरकार की ओर से सर्वदलीय बैठक पर बुलाने पर रामगोपाल यादव ने कहा कि शाम 5 बजे सर्वदलीय बैठक बुलाई गई है। इस बारे में मंगलवार को सूचना मिली थी। समाजवादी पार्टी की ओर से जावेद अली खान और धर्मेंद्र यादव जाएंगे। पार्टियों की तरफ से दो-दो नेता जाएंगे।

इसी दौरान, सपा सांसद ने संसद में पेश होने वाले केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सामान्य प्रशासन) विधेयक का विरोध किया। उन्होंने कहा, “इस विधेयक में आपत्ति ही आपत्ति हैं। सरकार से कौन लड़ सकता है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले को वह नहीं मानती है। असिस्टेंट कमांडेंट 30 साल में भी डिप्टी कमांडेंट नहीं बन पाता है। उसी परीक्षा से पास हुए आईपीएस डीजी बन जाते हैं। सेना में मेजर जनरल और लेफ्टिनेंट जनरल बन जाते हैं। पता होना चाहिए कि निराशा में कितने लोगों ने डीआरएस लिया।”

उन्होंने कहा कि मैंने शून्यकाल में इसके विरोध में आवाज उठाई। सपा सांसद ने कहा कि राजनेताओं की रक्षा यही जवान करते हैं। सीमा से लेकर देश के अंदर शहीद होने वाले सबसे अधिक यही जवान होते हैं।

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