पश्चिम बंगाल के खड़गपुर में भाजपा नेता दिलीप घोष ने कई समसामयिक मुद्दों पर अपनी बात रखी। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल के ‘अन्नदाता देवो भव’ भाषण पर प्रतिक्रिया देते हुए दिलीप घोष ने कहा कि देशभर के किसान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भरोसा करते हैं कि वे उनके हितों की रक्षा करेंगे।
दिलीप घोष ने याद दिलाया कि जब किसान बिल वापस लिया गया था, तब प्रधानमंत्री ने स्वयं स्वीकार किया था कि सरकार किसानों को समझाने में सफल नहीं रही और किसानों के हित में कानून वापस ले लिया गया, क्योंकि आगे समय नहीं बचा था।
दिलीप घोष ने जमात-ए-इस्लामी पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने आईएएनएस से कहा कि यह संगठन हमेशा देश का विरोध करता रहा है और देश के विभाजन का समर्थन करता है। देश के लोग राष्ट्रभक्त हैं और ‘वंदे मातरम’ को लेकर जनता की भावनाएं ज्यादा मजबूत हैं।
बांग्लादेश के चुनाव में बीएनपी की जीत पर प्रतिक्रिया देते हुए दिलीप घोष ने कहा कि वे बीएनपी नेतृत्व और वहां की जनता से अनुरोध करते हैं कि सरकार शांतिपूर्ण तरीके से चलाएं और देश को आगे बढ़ाएं। उन्होंने पड़ोसी देश होने के नाते यह अपील की।
इसके साथ ही उन्होंने पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस पर भी निशाना साधा और पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में बाबर के नाम पर मस्जिद बनाने के प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया। दिलीप घोष ने आरोप लगाया कि टीएमसी ने मंदिर-मस्जिद की राजनीति को अपने हाथ में ले लिया है। उन्होंने कहा कि अब पश्चिम बंगाल की जनता को तय करना होगा कि उन्हें विकास चाहिए या मंदिर-मस्जिद की राजनीति।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर विकास, राष्ट्रवाद और क्षेत्रीय मुद्दों पर राजनीतिक दल आमने-सामने दिखाई दे रहे हैं।दिलीप घोष पश्चिम बंगाल के एक प्रमुख राजनीतिज्ञ और भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता हैं। राजनीति में आने से पहले वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रचारक रहे हैं।


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