पीएमके के अध्यक्ष व पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. अंबुमणि रामदास ने तमिलनाडु सरकार और तमिलनाडु जनरेशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन कॉर्पोरेशन से आग्रह किया है कि वे गैंगमैन की लंबे समय से लंबित मांगों पर ध्यान दें और उन्हें फील्ड असिस्टेंट और वायरमैन के खाली पदों पर नियुक्त करें। इन कर्मचारियों की मांग उचित और जायज है।
सोमवार को जारी बयान में अंबुमणि ने कहा कि भले ही बिजली बोर्ड में खाली पदों को भरने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं लेकिन गैंगमैन की ओर से ऊंचे टेक्निकल पदों पर नियुक्ति की मांग पर अधिकारियों ने उतना ध्यान नहीं दिया है, जितना दिया जाना चाहिए था।
उन्होंने बताया कि तमिलनाडु जनरेशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन कॉर्पोरेशन ने गैंगमैन के तौर पर टेक्निकल कर्मचारियों की भर्ती के लिए 2019 में नोटिफिकेशन जारी करने से पहले कई सालों तक फील्ड-लेवल के कर्मचारियों की भर्ती नहीं की थी। इन पदों के लिए लगभग 90,000 उम्मीदवारों ने आवेदन किया था और फिजिकल क्षमता और लिखित परीक्षा पास करने के बाद मार्च 2021 में 9,613 उम्मीदवारों को गैंगमैन के तौर पर नियुक्त किया गया था।
दो साल की ट्रेनिंग के बाद उन्हें 16,200 रुपये से 51,500 रुपये के पे-स्केल में रखा गया। हालांकि, अंबुमणि ने आरोप लगाया कि कर्मचारी अपनी तय भूमिका से कहीं ज्यादा जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। उनके अनुसार, गैंगमैन अभी उन कामों में लगे हैं जो आम तौर पर फील्ड असिस्टेंट और वायरमैन करते हैं जैसे बिजली जाने पर सप्लाई बहाल करना, कम वोल्टेज की समस्याओं को ठीक करना, ट्रांसफॉर्मर का रखरखाव करना और बिजली से जुड़े टेक्निकल काम संभालना।
पीएमके नेता ने कहा कि काम की प्रकृति के कारण उन्हें काफी जोखिम का सामना करना पड़ता है। उन्होंने दावा किया कि ड्यूटी के दौरान बिजली का झटका लगने से 80 से ज्यादा गैंगमैन की जान चली गई है। जबकि 200 से ज्यादा लोग काम की जगह पर हुए हादसों में घायल हुए हैं।
अंबुमणि ने कहा कि असल में फील्ड असिस्टेंट और वायरमैन के तौर पर काम करने के बावजूद, गैंगमैन अपनी मूल कैटेगरी में ही बने हुए हैं। उन्होंने तर्क दिया कि जब तमिलनाडु जनरेशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन कॉर्पोरेशन फील्ड असिस्टेंट के 26,605 और वायरमैन के 14,358 खाली पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू करे तो मौजूदा गैंगमैन को प्राथमिकता दी जानी चाहिए और बाकी खाली पदों को नई भर्ती के जरिए भरा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि गैंगमैन के पास ऊंचे पदों के लिए जरूरी एजुकेशनल क्वालिफिकेशन और टेक्निकल ट्रेनिंग है। उन्होंने कहा कि उनमें से कई लोगों के पास यूनिवर्सिटी डिग्री और पोस्ट-ग्रेजुएट क्वालिफिकेशन जैसी एडवांस्ड एकेडमिक डिग्रियां हैं। अदालतों और लेबर वेलफेयर संगठनों ने भी इस मुद्दे की जांच करने की सिफारिश की है। अंबुमणि ने राज्य सरकार से आग्रह किया कि वह यह सुनिश्चित करे कि गैंगमैन को उनकी क्वालिफिकेशन और अनुभव के हिसाब से पद और सैलरी मिले।
अंबुमणि ने उन कर्मचारियों की मुश्किलों का भी जिक्र किया जो अपने घर से सैकड़ों किलोमीटर दूर तैनात हैं। उन्होंने तमिलनाडु जनरेशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन कॉर्पोरेशन में उन्हें बेहतर करियर के मौके देने के लिए तुरंत कदम उठाने की मांग की।

