N1Live National बीएचयू में शांतिपूर्ण ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ मार्च को पुलिस ने किया रोकने का प्रयास : एनएसयूआई अध्यक्ष
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बीएचयू में शांतिपूर्ण ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ मार्च को पुलिस ने किया रोकने का प्रयास : एनएसयूआई अध्यक्ष

Police tried to stop the peaceful 'Save MNREGA Struggle' march at BHU: NSUI President

वाराणसी में रविवार को नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) द्वारा शुरू किए गए ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ मार्च के दौरान हुई हिंसा के बाद सोमवार को भी माहौल गरमाया हुआ है। इस बीच एनएसयूआई अध्यक्ष वरुण चौधरी का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें उन्होंने विस्तार से घटना का जिक्र करते हुए यूपी पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए।

वरुण चौधरी ने कहा कि यह मार्च पूरी तरह से शांतिपूर्ण था, लेकिन बीएचयू कैंपस में छात्रों के साथ पुलिस का बर्ताव शर्मनाक रहा। उन्होंने बताया कि एक दिन पहले से छात्रों को उनके हॉस्टल और पीजी से जबरदस्ती उठाया गया, डिटेन किया गया और उनके परिवारों को भी धमकाया गया। इसके अलावा, पीजी मालिकों को भी चेतावनी दी गई कि अगर छात्रों को तुरंत बाहर नहीं निकाला गया तो उन पर कार्रवाई होगी।

वरुण चौधरी ने कहा कि इस तरह के बर्ताव से साफ है कि यूपी पुलिस आम छात्रों के साथ कैसा व्यवहार करती है। उन्होंने सरकार और पुलिस को चेतावनी देते हुए कहा कि जिन पुलिसकर्मियों ने इस हिंसक और असभ्य व्यवहार में हिस्सा लिया है, उनके खिलाफ तुरंत कार्रवाई होनी चाहिए। उनका कहना है कि मनरेगा की लड़ाई गरीबों, बहुजनों और आदिवासियों की लड़ाई है, और यह लड़ाई किसी डर से नहीं रुकेगी। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन केवल बनारस तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे पूरे देश में हर कैंपस, हर गांव और हर कूचे तक पहुंचाया जाएगा।

वरुण चौधरी ने यह भी स्पष्ट किया कि इस आंदोलन का उद्देश्य गरीबों के हक की लड़ाई लड़ना है और इसे किसी राजनीतिक दबाव या डर से रोकने की कोशिश सफल नहीं होगी। उन्होंने कहा कि गरीबों की हितलाभकारी लड़ाई को रोकना आसान नहीं होगा। उन्होंने छात्रों और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे इस लड़ाई को जारी रखें और हर स्तर पर आवाज उठाते रहें।

उन्होंने यह भी कहा कि बीएचयू में हुई घटना बेहद दर्दनाक और गलत थी और इसे किसी भी देश या कैंपस में दोहराया नहीं जाना चाहिए।

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