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‘ऑपरेशन टाइगर’ पर सियासी घमासान, कांग्रेस सांसद बोले- लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ

Political row over 'Operation Tiger'; Congress MP calls it against democratic values.

महाराष्ट्र में कथित ‘ऑपरेशन टाइगर’ को लेकर राजनीतिक विवाद गहराता जा रहा है। इसको लेकर कांग्रेस सांसद बलवंत वानखेड़े का कहना है कि सरकार अपने संगठन को मजबूत करने के बजाय अन्य दलों से नेताओं को शामिल कर अपनी ताकत बढ़ा रही है, जिससे लोकतांत्रिक मूल्यों पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

कांग्रेस सांसद बलवंत वानखेड़े ने कहा कि पूरे देश में भाजपा के भीतर नेतृत्व की कमी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। पार्टी ने अपने संगठन में नए नेतृत्व को तैयार करने पर ध्यान नहीं दिया है, जिसके कारण वह अन्य राजनीतिक दलों जैसे राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस से नेताओं को शामिल कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह स्थिति दर्शाती है कि भाजपा अपने विस्तार के लिए दूसरे दलों के नेताओं पर निर्भर हो गई है।

उन्होंने आगे कहा कि पहले वोटों की चोरी की बात होती थी, फिर सीटों की चोरी की चर्चा हुई और अब स्थिति यह है कि सांसदों को ही एक पार्टी से दूसरी पार्टी में ले जाया जा रहा है। वानखेड़े के अनुसार, यह लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय है और जनता सब कुछ देख रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं को प्रलोभन देकर अपनी ओर आकर्षित कर रही है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।

वहीं, एनसीपी (शरद पवार गुट) के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनिश गावंडे ने ‘ऑपरेशन टाइगर’ को पूरी तरह असफल बताया। उन्होंने कहा कि देश में युवा वर्ग सड़कों पर उतरकर रोजगार, शिक्षा और परीक्षाओं से जुड़ी समस्याओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहा है, लेकिन सरकार का ध्यान इन मुद्दों पर नहीं है।

गावंडे ने कहा कि नीट और सीबीएसई से जुड़े कथित भ्रष्टाचार, बढ़ती बेरोजगारी और युवाओं की समस्याएं देश की सबसे बड़ी चुनौतियां हैं, लेकिन इसके बजाय राजनीतिक दल एक-दूसरे के सांसदों और विधायकों को खरीदने और बेचने में व्यस्त हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह प्रवृत्ति लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है और इससे जनता का विश्वास कमजोर हो रहा है।

उन्होंने आगे कहा कि राजनीतिक दलों को ऐसे अभियानों और विवादों से दूर रहकर देश के विकास, रोजगार सृजन और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर ध्यान देना चाहिए।

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